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Nayi Shiksha Niti Kya Hai:अप्रैल 2023 से नई किताबें, बस्ते का बोझ होगा कम, पाठ्यक्रम का आकार 40 फीसद तक घटेगा

आइए जानते है 2023 में स्कूल के Students के लिए नयी सुविधा आयी है। कई Students का यह सपना होता है की वह अपने जीवन में आगे बड़े और यह सपने को पूरा करे के लिए वह पूरी कोशिश करते है। तो 2023 में स्कूलों में नए बदलाव लाने का ऐलान किया गया है। तो सरकार ने यह फैसला लिया है की वह Students के विषय को काम करेगी जिससे की कई Students काफी उत्सुक है और ऐसा कहा जा रहा है की इतिहास, राजनीति शास्त्र, कला-संस्कृति जैसे विषयों में से कुछ विषय को हटाने का फैसला किया है। जैसा की आप सभी जानते है Nayi Shiksha Niti Kya Hai की NCRT बुक के बारे में तो उनकी कम्पनी ने यह कहा है की स्कूल और विषय में बदलाव होंगे। और ऐसा कहा जा रहा है की यह बदलाव सभी Students के लिए किया जायेगा इसमें किसी भी प्रकार की भेदभाव नहीं होगा और सभी Students के लिए यह गतिविधि होगी जिससे पाठ्यक्रम का आकार 30 से 40 फीसद तक कम हो जाएगा। यानी बस्ते का बोझ कम होगा और साथ आपके लिए अच्छी खबर है की इसमें कुछ विषय काम तो होंगे परन्तु इसमें कुछ अन्य विषय जोड़ दिए जायेगा जिससे वह आगे चलकर कुछ नया सिख सके। जैसे उनके लिए कोडिंग, कोई एक स्किल कोर्स और योग जैसी गतिविधियों में शामिल होना जरूरी होगा।





Nayi Shiksha Niti Kya Hai?

और पहले भी ऐसी एक और नयी योजना चली थी जिसका नाम था मिशन बुनियाद और अब नेशनल एजुकेशन पालिसी विद्यार्थी के लिए चलाई जाएगी और ऐसा मना गया है की यह केवल स्कूल के Students के लिए नहीं यदि आप कॉलेज में है तो भी यह सुविधा ले सकते है। और यह सबसे पहले 1986 में यह योजना चालू की गयी यानी की 34 साल पहले जब नेशनल एजुकेशन पालिसी यह इंदिरा गाँधी के द्वारा चली। और इसके बाद इसमें किसी भी प्रकार का बदलाव नहीं आया और फिर 2020 में थोड़ा बदलाव आया और अब ऐसा माना जा रहा है 2023 में इसमें कई बदलाव आने वाले है। और इसमें आपको काफी फायदा होने वाला है इसमें 5 स्टेज आएगा

स्टेज 1 

जिसमे 6 To 8 साल के Students को खेल कूद के साथ साथ इन्हे उनकी स्किलल्स को बढ़ावा दिया जायेगा। और पहले के समय में इन उम्र वालो Students को केवल 2 साल तक प्रे स्कूल या आंगनवाड़ी में रखा जाता था परन्तु अब ३ साल तक रखा जायेगा

स्टेज 2

में Students को पढ़ाई का बोज कम करके इन्हे एक्टिविटीज कराई जाएगी।

स्टेज 3

3 साल के उम्र के Students को 6 से 8 क्लास के Students को पढ़ाई के साथ साथ प्रैक्टिकल चीजे कराई जाएगी जससे वह प्रैक्टिकल खुद सिख सके । Nayi Shiksha Niti Kya Hai और साथ ही इन विषय को पढ़ाया जायेगा मैथड्स,सोशल साइंस आदि पढ़ाया जायेगा। और इसमें Students को किताबे रत कर नहीं पास नहीं किया जायेगा।

स्टेज 4

में भी यही प्रकिर्या चलेगी। Nayi Shiksha Niti Kya Hai जिसमे ३ साल के उम्र के Students को 6 से 8 क्लास के Students को पढ़ाई के साथ साथ प्रैक्टिकल चीजे कराई जाएगी और साथ ही कंप्यूटर में कोडिंग सिखाई जाएगी।

स्टेज 5

14 से 18 साल के Students की इसमें 9 क्लास से 12 क्लास के बच्चे आ जाते है इसमें ज्यादा लोगो महेनत करनी होती है इसमें Students अपनी मर्ज़ी से सब्जेक्ट्स choose कर सकता है। यदि कोई Students साइंस ली है और साथ में उसे म्यूजिक में इंटररेस्ट है वह म्यूजिक का भी विषय ले सकता है।

और इस गतिविधि को Students के भविष्य को ध्यान में रख कर उन उन्हें पढ़ाया जायेगा। यह श्रय ,केवल NCRT को जाता है और साथ ही पहला ऐसा होता था Nayi Shiksha Niti Kya Hai की उस समय उनके भविष्य के बारे में नहीं सोचा जाता था । 2023 Ki ayi Niti परन्तु आज के आने वाले समय में Students के भविष्य के बारे में सोच जायेगा और यह तय करना बाकि है की किस विषय को हटाया जायेगा और किसे जोड़ा जायेगा । और यह ,मना गया है Nayi Shiksha Niti Kya Hai की यह साल खत्म होते है अप्रैल 2023 में यह गतिविधि कराई जाएगी और यह पूरी जिम्मेदारी NCRT को दिया गया है।

अप्रैल 2023 से नई किताबें

नई शिक्षा नीति में स्कूली पाठ्यक्रम में बदलाव का जो प्रस्ताव किया है, उसे लेकर काम तो शुरू हो गया है, लेकिन बदली हुई किताबों को आने में दो साल से ज्यादा समय लगेगा। एनसीईआरटी के निदेशक ऋषिकेश सेनापति के मुताबिक जो योजना बनी है, उसके तहत नई किताबें 2022 में ही तैयार हो जाएगी, Nayi Shiksha Niti Kya Hai लेकिन इतने बड़े पैमाने पर किताबों की प्रिटिंग आदि के चलते यह सभी Students को पढ़ने के लिए अप्रैल 2023 से ही मिल पाएंगी। स्कूली शिक्षा में पहली बार शामिल किए गए प्री-प्राइमरी के लिए भी नई किताबें बनाने का काम चल रहा है।

नई शिक्षा नीति के लाभ

  • शिक्षा को प्रदान करने के लिए या आसानी से शिक्षा प्रदान करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया जाएगा।
  • नई पालिसी के दौरान हाइर एजुकेशन से एमफिल की डिग्री को खत्म किया जा रहा है। एक्स्ट्रा पाठ्यक्रम क्रियाओं को मैन सिलेबस में रखा जाएगा। इस पालिसी के दौरान छात्रों को 3 भाषा सिखाई जाएंगी जो कि राज्य सरकार अपने स्तर पर निर्धारित करेंगी।
  • इस प्रशिक्षण परिषद द्वारा स्कूली शिक्षा और राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान के लिए राष्ट्रीय पाठ्यक्रम रूपरेखा तैयार की जाएगी। नई शिक्षा नीति को लागू करने के लिए कई सारे संस्थान स्थापित किए जाएंगे जिससे कि यह पॉलिसी का संचालन सुचारू रूप से चलाया जायेगा।
  • नई एजुकेशन पॉलिसी के अनुसार Students की पढ़ाई के साथ-साथ उनके कौशल पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इस पालिसी को लागू करने के लिए जीडीपी का 6% हिस्सा खर्च किया जाएगा।
  • इस दी जाने वाली शिक्षा में संस्कृत और भारत की अन्य प्राचीन भाषाएं पढ़ने का विकल्प रखा जाएगा यदि छात्र अगर चाहे तो यह भाषाएं पढ़ सकते हैं।
  • बोर्ड की परीक्षाओं में भी बदलाव किया जाएगा क्योंकि ऐसा हो सकता है कि छात्रों के ऊपर से बोझ कम करने के लिए बोर्ड परीक्षाएं साल में दो बार ली जा सकती है।






यह भी जानिए।

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