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8G Top countries

8G kya hai हेल्लो दोस्तों आज हम आपको इस पोस्ट में 8G क्या है और टॉप कन्ट्रीज कोनसी है व उससे जुडी बाते आपको इस पोस्ट के जरिये बातएंगे और आप हमारी इस पोस्ट के साथ युही बने रहे और हमें ऐसे ही सपोर्ट करते है और हम आपके लिए ऐसे दिलचस्पी पोस्ट लाते रहेंगे चलिए दोस्तों अब हम शुरू करते है।

8G Top countries

8G kya hai इंटरनेट की दुनिया में काफी बदलाव आये है।  पहले यूजर्स 1G का उपयोग करते थे और अब 4G  का इस्तेमाल कर रहे हैं। 1G से 4G तक का सफर न सिर्फ इंटरनेट दुनिया के लिए बल्कि यूजर्स के लिए भी काफी बदलाव लेकर आया है।  4G तकनीक ने यूजर्स को इंटरनेट पहले से ज्यादा तेजी से उपयोग करने का मौका दिया। और अब इंडिया में  बहुत जल्द ही 5G भी आ रहा है।8G kya hai   हम सभी 5G की बातें कर रहे हैं लेकिन क्या आपको 1G, 2G, 3G, 4G और 5G का असल में मतलब मालूम है कि कई लोगों को इस बारे में नहीं मालूम होगा। इसी के चलते आज हम आपके लिए ये जानकारी लाएं हैं। इस पोस्ट में हम आपको 1G, 2G, 3G, 4G और 5G का मतलब बताने जा रहे हैं। और साथ में ही 8G के बारे में आपको बतायेगे।

G का मतलब क्या है

8G kya hai शुरू करने से पहले हम आपको G का मतलब बताते है की G है क्या G जनरेशन है जोकि किसी भी मोबाइल फ़ोन में नयी तकनीक के साथ आती है उन्हें नेक्स्ट जनरेशन का स्मार्टफ़ोन  कहा जाता है और अगर EXAMPLE के तहत पर समझाये जाये तो फ़ोन  जिस तरीके का फ़ोन दीखता था उस हिसाब से आज के समय में फ़ोन में काफी बदलाव आये है  पहले wired फोन आते थे, फिर cordless फोन आए और अब वायरलैस फोन का चलन है। ठीक इसी तरह से ऐसे ही तकनीक में भी बदलाव आ रहा है।8G kya hai

8G kya hai 

G-8 या ग्रुप ऑफ 8 दुनिया के आठ सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देशों का मंच है.G-8 के बारे में जरुरी  बात ये है कि इसका न तो कोई मुख्यालय है और न ही कोई बजट इसका कारण ये है कि G-8 बनाने के पीछे सोच ये थी कि लंबे-चौड़े तामझाम से बचकर इन देशों के शीर्ष नेता सीधे-सीधे अनौपचारिक तरीके एक दूसरे से बात कर सकें. 8G kya hai  G-8 का मेज़बान देश ही सम्मेलन की तैयारियाँ करता है और उसका ख़र्च उठाता है.1970 के दशक में तेल संकट और आर्थिक मंदी के माहौल के बीच महसूस किया गया कि दुनिया के अहम देशों के नेताओं के लिए खुलकर बात करने का कोई मंच होना चाहिए.8G kya hai

इसी के बाद 1975 में फ़्राँस में G-6 की स्थापना हुई. इसके छह सदस्य थे– फ़्राँस, जर्मनी, इटली, जापान, ब्रिटेन और अमरीका. 1976 में कनाडा और 1998 में रूस भी इनके साथ जुड़ा और बन गया G-8. 8G kya hai

ग्रीस में दोबारा चुनाव कराए जाने की घोषणा के बाद यूरोपीय अर्थव्यवस्था में बढ़ी अनिश्चितता के बीच G8 की बैठक अहम साबित हो सकती है 8G kya hai .अमरीका के मैरीलैंड में आयोजित की जा रही इस बैठक में माना जा रहा है कि अर्थव्यवस्था का मु्द्दा छाया रहेगा. लेकिन आयोजकों का कहना है कि खाद्य सुरक्षा जैसे अहम मुद्दे भी प्रमुखता ये उठाए जा सकते है.8G kya hai

इस बात पर चर्चा करी है अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने बेनिन, इथोपिया, घाना और तनज़ानियां जैसे अफ्रिकी देशों के नेताओं को भी बुलाया है फ्रांस सदस्य देशों में अहम चुनावों के बाद G-8 की ये पहली बैठक है. पिछले कुछ वर्षों से G-8 के विस्तार को लेकर सदस्य देशों के बीच काफी तीखी बहस जारी है. कई देश इसके विस्तार के पक्ष में हैं, लेकिन कनाडा और जापान जैसे देश इसके फॉर्मेट में किसी भी तरह के फेरबदल के विरोध में है.

8G Member Countries

United States

Canada

France

Germany

Italy

Japan

Russia

United Kingdom

8G की उत्पत्ति

8G kya hai मुख्य रूप से, समूह में छह मूल देश शामिल थे, कनाडा को 1976 में और रूस को 1997 में जोड़ा गया था। पहला आधिकारिक शिखर सम्मेलन 1975 में फ्रांस में आयोजित किया गया था, लेकिन एक छोटा, अधिक अनौपचारिक समूह दो साल पहले वाशिंगटन, डीसी में मिला था। अनौपचारिक रूप से पुस्तकालय समूह को डब किया गया, यह बैठक यू.एस. ट्रेजरी सचिव जॉर्ज शुल्ट्ज द्वारा बुलाई गई थी, जिन्होंने जर्मनी, ब्रिटेन और फ्रांस के वित्त मंत्रियों को व्हाइट हाउस में मिलने के लिए आमंत्रित किया था, 8G kya hai जिसमें मध्य पूर्व तेल संकट गंभीर चिंता का विषय था। देशों के नेताओं की एक बैठक के अलावा, जी 8 शिखर सम्मेलन में आम तौर पर मुख्य आयोजन से पहले योजना और पूर्व-शिखर चर्चाओं की एक कतार  शामिल होती है। इन तथाकथित मंत्रिस्तरीय बैठकों में शिखर सम्मेलन के लिए फोकस के विषयों पर चर्चा करने के लिए प्रत्येक सदस्य देश की सरकार के सचिव और मंत्री शामिल होते हैं। 8G kya hai  G8 +5 नामक बैठकों का एक संबंधित सेट भी था, जो पहली बार स्कॉटलैंड में 2005 के शिखर सम्मेलन के दौरान आयोजित किया गया था। इसमें तथाकथित पांच देशों का समूह शामिल था: ब्राजील, चीन, भारत, मैक्सिको और दक्षिण अफ्रीका। इस बैठक ने अंततः G20 बनने के लिए आधार तैयार किया।8G kya hai

8G की भविष्य की उपयुक्ता

8G kya hai वर्षों में, कुछ लोगों ने सवाल यह है कि क्या G8 उपयोगी या उपयुक्त  बना हुआ है, खासकर G20 के गठन के बाद से। इस तथ्य के बावजूद कि इसका कोई वास्तविक अधिकार नहीं है, आलोचकों का मानना ​​है कि जी 8 संगठन के शक्तिशाली सदस्य तीसरी दुनिया के देशों को प्रभावित करने वाली वैश्विक समस्याओं को दूर करने के लिए और अधिक कर सकते हैं।8G kya hai

वायरलैस फोन के लिए 1G सबसे पहली जनरेशन यह थी

और ये लोगो ने सिग्नल का उपयोग करता था। 8G kya hai इसे 1980 में पेश किया गया। इसकी स्पीड लिमिट 2.4 kbps पर कार्य करता था। सबसे पहले इसे अमेरिका में लाये थे।  इन फोन्स की बैटरी लाइफ काफी खराब होती थी। इनकी वॉयस क्वालिटी और सिक्योरिटी भी खराब थी।8G kya hai

1991 में आई 2G तकनीक:

यह GSM पर आधारित थी।और  यह डिजिटल सिग्नल उपयोग करती थी। इसकी स्पीड 64 kbps थी। इसे पहले फिनलैंड में लॉन्च किया गया था। इन फोन्स से एसएमएस, कैमरा और मेलिंग जैसे सर्विसेस को शुरु किया गया। नीचे दी गई तस्वीरों में उन फोन्स को देख सकते हैं।8G kya hai

2000 में आया  3G तकनीक:

इसके द्वारा वी गेम्स, बड़ी फाइल्स को ट्रांसफर करना और वीडियो कॉलिंग फीचर जैसे काफी अच्छी सर्विस दी जाने लगी। इन्हें स्मार्टफोन भी कहते है।  इसके बाद नए डाटा प्लान्स लॉन्च किए गए।8G kya hai

2011 में आई 4G तकनीक:

यूजर्स 100 Mbps यानि 1 Gbps की स्पीड का उपयोग कर सकते हैं। ये 3G से ज्यादा महंगा है। लुक के मामले में दोनों फोन में कोई अंतर नहीं है।

2020 में लॉन्च हो सकता है 5G

ऐसा माना जाता है , कि इसकी कनेक्टिविटी और स्पीड में कोई लिमिट नहीं होगी। ये भविष्य की वायरलैस तकनीक होगी। 5जी सपोर्ट फोन में ज्यादा सिक्योरिटी होगी

5G नेटवर्क के बेनिफिट्स

  1. तेज रफ्तार इंटरनेट से रोबोट, ड्रोन और ऑटोमैटिक वाहनों का संचालन आसान होगा।
  2. एक साथ कई यूजर्स जुड़ने पर भी इंटरनेट की रफ्तार कम नहीं होगी।
  3. अभी जो फिल्म 5-10 मिनट में डाउनलोड होती है, वो चंद सेकेंड में डाउनलोड होगी।
  4. हाई क्वॉलिटी वीडियो या गेम का मजा बिना किसी रुकावट के लिया जा सकेगा।
  5. घर के सभी स्मार्ट डिवाइसेज को फोन से कनेक्ट कर बाहर से कंट्रोल कर सकेंगे।

6.बड़े से बड़े डेटा को आसानी से अपलोड, डाउनलोड या ट्रांसफर किया जा सकेगा।

  1. अभी जो काम कंप्यूटर या लैपटॉप से ही हो सकते हैं, उन्हें मोबाइल से भी किया जा सकेगा।

8.इंटरनेट की रफ्तार 20 से 100 गुना तेज (1000mbps तक) हो जाएगी।

 

5G नेटवर्क के संभावित नुकसान

  1. रेडियो फ्रीक्वेंसी भी तेज रफ्तार इंटरनेट उपलब्ध कराने की राह में रोड़ा डाल सकती है।

इससे इंटरनेट यूजर्स की निजता को सबसे बड़ा खतरा है।

  1. 5G नेटवर्क के लिए 6GHz रेडियो फ्रीक्वेंसी की जरूरत होगी, जो पहले ही सैटेलाइट्स व अन्य सिग्नल से भरी हुई है।
  2. नीदरलैंड के हेग शहर में कुछ माह पहले 5G टेस्टिंग के दौरान अचानक 297 पक्षियों की मौत हो गई थी।
  3. WHO के अनुसार रिडेयो फ्रिक्वेंसी बढ़ने से शरीर का तापमान बढ़ता है ,स्वास्थ्य को ज्यादा नुकसान नहीं है
  4. पर्याप्त मोबाइल टॉवर न होने पर इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्या मौजूदा समय से बढ़ जाएगी।
  5. मोबाइल टॉवर्स को रेडियेशन के लिए खतरनाक माना जाता है, लिहाजा तमाम देशों में लोग इसका विरोध करते हैं।
  6. टेक्निकल युनिवर्सिटी ऑफ बर्लिन के अनुसार हैकर्स यूजर्स का डाटा ज्यादा तेजी और आसानी से हैक कर सकते हैं।

8.इससे इंटरनेट यूजर्स की निजता को सबसे बड़ा खतरा है।

9.इसके लिए ज्यादा बैंडविथ की आवश्यकता होती है, जिसके लिए टॉवरों की संख्या कई गुना बढ़ानी होगी।

2030 तक होगा लॉन्च

जापान 6G नेटवर्क को डिवेलप करने के लिए मिनिस्ट्री ऑफ इंटरनल अफेयर्स एंड कम्यूनिकेशंस ऑफ जापान गवर्नमेंट सिविलियन सोसाइटी ऑफ रिसर्च इसी महीने निर्माण करेगी।8G kya hai

6G की तैयारी हो रही है

5G से ज्यादा तेज नेटवर्क तैयार करने की रेस में सिर्फ जापान ही नहीं बल्कि दुनिया के कई और देश भी शामिल हैं। जापान के अलावा साउथ कोरिया, फिनलैंड और चीन भी 5G से ज्यादा एफिशंट नेटवर्क डिवेलप करने की तैयारी कर रहे हैं।

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