Tuesday, July 23, 2024
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अशोक स्तंभ का इतिहास [Ashok Stambh History,Controversy] विवाद

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क्या आप जानते किसके द्वारा बनाया गया था संसद भवन प्रधानमंत्री श्रीमान नरेंद्र मोदी जी के द्वारा संसद भवन की छत पर लगाए गए तकरीबन 20 फीट ऊंचे अशोक स्तंभ का उद्घाटन किया गया

अशोक स्तंभ का इतिहास Ashok Stambh History

अशोक स्तंभ का इतिहास – देश में वर्ष 1949 को 26 जनवरी के दिन भारतीय संविधान को ग्रहण किया गया था और साल 1950 में 26 जनवरी के दिन इसे अपनाया गया था

अशोक स्तंभ भारतीय इतिहास में महत्वपूर्ण एवं प्रसिद्ध स्मारक है। यह स्तंभ अशोक वनामा अथवा अशोक प्रस्तर के नाम से भी जाना जाता है। यह भारतीय सबको अधिसूचित करने के लिए मौर्य साम्राज्य के सम्राट अशोक द्वारा निर्मित किया गया था।

अशोक स्तंभ का निर्माण लगभग 250 ईसा पूर्व में किया गया था और यह अशोक की सत्ता को प्रमाणित करने और उसके धर्मानुयायियों को शिक्षा देने के उद्देश्य से बनाया गया था।

अशोक स्तंभ दिल्ली के सरनाथ में स्थित है, जो वाराणसी जिले में स्थित है। इसकी ऊँचाई लगभग 50 फीट है और यह स्तंभ सांगमरमर से बना हुआ है।

स्तंभ के ऊपरी भाग में एक स्तंभक प्रस्तर है, जिसमें मौर्य साम्राज्य के चिन्ह और अशोक के कुछ शिलालेख अंकित हैं। स्तंभक प्रस्तर के नीचे अशोक के व्याख्याता विराजमान मौर्य संस्कृत शिलालेख भी हैं, जिनमें उनके शांति के धर्म एवं धर्म प्रचार के सिद्धांत उद्घोषित हैं

 अशोक स्तंभ कहा स्थित है उत्तर प्रदेश सोमनाथ
किसके नाम पर है यह स्तंभ सम्राट अशोक
स्तंभ में कितने शेर 4 शेर
स्तंभ की कितनी है ऊचांई 7 फीट ऊंचा
स्तंभ का महत्व साहस, आत्मविश्वास
कब तैयार किया 250 ईसा

 

सम्राट अशोक के द्वारा बौद्ध धर्म के प्रचार को भी शुरू कर दिया गया और इसके लिए उन्होंने देश भर में इसके प्रतीक चारों दिशाओं में गर्जना करने वाले चार शेरों की आकृति वाले स्तंभों को तैयार करवाए गए ।

अशोक स्तंभ में शेर क्यों रखा गया है? 

अशोक स्तंभ का इतिहास- भगवान बुद्ध को ही शेर का पर्यायवाची माना गया है क्योंकि भगवान बुद्ध के जो 100 नाम है, उसमें शाक्य सिह और नर सिह नाम शामिल है।

अशोक स्तंभ के शीर्ष प्रस्तर पर वर्तमानकालीन समय में शेर की मूर्ति रखी गई है संभवतः इसका कारण भारतीय संस्कृति में शेर को गुरुत्वाकर्षण, शक्ति, शौर्य और सामरिक योग्यता के प्रतीक के रूप में मान्यता मिलती है। इसके साथ ही, शेर हिंदू धर्म में माता दुर्गा और माता सरस्वती के वाहन के रूप में भी प्रतिष्ठित है।

इसलिए, शेर की मूर्ति को अशोक स्तंभ पर स्थापित किया जाना संभवतः शक्ति, बल, वीरता और प्रतिरोध की प्रतीकता के रूप में किया गया होगा। यह मूर्ति आधुनिक समय के बाद के अतिरिक्त परिवर्तनों का परिणाम हो सकता है जब इसे स्तंभ पर स्थापित किया गया हो।

अशोक स्तंभ कहां है

अशोक स्तंभ वाराणसी जिले के सरनाथ नामक स्थान पर स्थित है। सरनाथ एक प्रमुख पर्यटन स्थल है और यह भारतीय इतिहास में महत्वपूर्ण स्थानों में से एक है। सरनाथ वाराणसी (काशी) से लगभग 13 किलोमीटर दूर स्थित है।





अशोक स्तंभ का स्थान मौर्य सम्राट अशोक द्वारा चुना गया था क्योंकि यह स्थान महात्मा बुद्ध के पहले उनके प्रवचन का स्थान था। मौर्य सम्राट अशोक ने इस स्थान पर धर्मशास्त्रों के संकेत के रूप में एक स्तंभ की स्थापना कराई थी जिसे अशोक स्तंभ के रूप में जाना जाता है।

आज, अशोक स्तंभ एक पर्यटन स्थल के रूप में मान्यता प्राप्त है और यहां दर्शनार्थी और इतिहास प्रेमियों की भीड़ आती है। सरनाथ में अशोक स्तंभ के अलावा भीखाराम मठ, धम्मेक स्तूप, सारनाथ म्यूजियम और धार्मिक स्थल जैसे महत्वपूर्ण स्मारक भी हैं।

अशोक स्तंभ लोगो पर प्रभाव

अशोक स्तंभ का लोगों पर महत्वपूर्ण प्रभाव रहा है। अशोक स्तंभ पर शिलालेखों में अशोक के धर्मिक और नैतिक सिद्धांतों का प्रचार किया गया था। इन शिलालेखों में मौर्य सम्राट अशोक ने धर्म, अहिंसा, सत्य, धर्मचरण, संतोष, मानवदर्शिता, समाज सेवा और परम सुख की प्रोत्साहन की बातें व्यक्त की थीं। इन मूल उद्धरणों को आज भी अशोक स्तंभ के शीर्ष प्रस्तर पर पढ़ा जा सकता है। अशोक स्तंभ का इतिहास

अशोक स्तंभ ने विश्व भर के लोगों को भारतीय बौद्ध धर्म और अशोक के धर्मिक अनुयायियों के सिद्धांतों के बारे में जागरूक किया। यह स्तंभ अशोक के धर्मशास्त्र के विस्तृत सारांश का स्रोत है और अशोक के धर्म और नैतिकता के प्रचार में एक महत्वपूर्ण साधन था।

अशोक स्तंभ किसने बनाया था

अशोक स्तंभ का निर्माण मौर्य सम्राट अशोक द्वारा किया गया था। अशोक सम्राट मौर्य वंश का सबसे प्रसिद्ध शासक था, जो लगभग 268 ईसा पूर्व से 232 ईसा पूर्व तक भारतीय सुप्रसिद्ध साम्राज्य का केंद्रीय और महान शासक रहा। अशोक स्तंभ का निर्माण उनके सत्ताबद्ध होने के समय लगभग 250 ईसा पूर्व किया गया था।

अशोक सम्राट ने अपने साम्राज्य के विस्तार, शांति और धर्म के महत्व के संकेत के रूप में अपनी प्रतिष्ठिता को प्रमाणित करने के लिए अशोक स्तंभ का निर्माण किया। यह स्तंभ एक महत्वपूर्ण स्मारक है जो अशोक के धर्मी और नैतिक सिद्धांतों को प्रचारित करने का कार्य करता है।

अशोक स्तंभ के निर्माण में विशेष महत्वपूर्णता है, क्योंकि इससे अशोक के धर्म प्रचार की जानकारी हमें मिलती है और यह एक मौर्य कला का प्रमुख उदाहरण है।

अशोक स्तंभ की विशेषता

अशोक स्तंभ भारतीय इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। यह मौर्य सम्राट अशोक के शासन काल में स्थापित किया गया था और उसके धर्मी संदेशों को प्रचारित करने का माध्यम था। इसे एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्मारक के रूप में मान्यता प्राप्त है।

अशोक स्तंभ भारतीय इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। यह मौर्य सम्राट अशोक के शासन काल में स्थापित किया गया था और उसके धर्मी संदेशों को प्रचारित करने का माध्यम था। इसे एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्मारक के रूप में मान्यता प्राप्त है।

अशोक स्तंभ पर विवाद (Ashok Stambh Controversy)

असदुद्दीन ओवैसी (एआईएमआईएम)

ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन पार्टी के व्यक्ति असदुद्दीन ओवैसी के द्वारा ट्विटर पर ट्वीट करते हुए कहा गया कि मोदी को नए संसद भवन के ऊपर राष्ट्रीय प्रतीक का उद्घटान नहीं करना चाहिए” इसके अलावा ओवैसी ने कहा कि “लोकसभा का प्रतिनिधित्व करने की जिम्मेदारी लोकसभा के अध्यक्ष की होती है जो कि सरकार के अंदर नहीं होता है
ओवैसी के का कहना भाजपा के द्वारा भी तीखा हमला किया गया। भाजपा ने कहा कि असदुद्दीन ओवैसी हमेशा परेशां रहते है। भाजपा के स्पोक्समैन सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि ओवैसी हमेशा मसला रहता है

जवाहर सरकार (तृणमूल सांसद)

तृणमूल कांग्रेस पार्टी की तरफ से जवाहर सरकार ने भी मोदी जी के द्वारा यही सवाल उठाये उन्होंने कहा है कि मोदी जी ने जिस अशोक स्तंभ का अनावरण किया है,वह हमारे भारत देश के राष्ट्र निशान का अपमान करना है। जवाहर सरकार के अनुसार तुरंत ही इस अशोक स्तंभ को बदलना चाहिए।

महुआ मोइत्रा (टीएमसी सांसद)

कांग्रेस पार्टी का एक सांसद महुआ मोइत्रा के द्वारा भी प्रधानमंत्री मोदी जी । के इस फैसले को न मानने की मंजूरी दी उन्होंने ट्विटर पर अशोक स्तंभ की पुरानी फोटो को भी पोस्ट किया है, साथ ही नई फोटो को भी पोस्ट किया है।

कपिल मिश्राभाजपा नेता)

भारतीय जनता पार्टी के नेता कपिल मिश्रा ने ट्विटर पर अशोक स्तंभ की फोटो पोस्ट की है उनका यही तात्पर्य रहा है की स्तभ बदलके सही नहीं हुआ




FAQs

Q: अशोक स्तंभ क्या है?

अशोक स्तंभ एक प्राचीन स्मारक है जो भारतीय इतिहास के मौर्य सम्राट अशोक के शासन काल में स्थापित किया गया था। यह एक स्तंभ होता है, जिस पर अशोक के धर्मिक और नैतिक संदेशों का प्रचार होता है।

Q: अशोक स्तंभ कब और कैसे बनाया गया? 

अशोक स्तंभ का निर्माण मौर्य सम्राट अशोक ने उनके शासन काल में करवाया था, जो लगभग 250 ईसा पूर्व में था। यह स्तंभ चौड़े शिलाकट वाले एक एकल स्तंभ पर आधारित है जिसकी ऊँचाई लगभग 50 फुट है।

Q: अशोक स्तंभ कहां स्थित है?

अशोक स्तंभ सरनाथ, वाराणसी, उत्तर प्रदेश, भारत में स्थित है। यह स्तंभ प्रसिद्ध धर्म स्थल सरनाथ में महाबोधि मंदिर के पास स्थित है।

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