Wednesday, July 24, 2024
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Cervical Cancer क्या होता है? Poonam Pandey Death News

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Cervical Cancer क्या होता है? Poonam Pandey Death News

सर्वाइकल कैंसर, महिलाओं में होने वाला एक गंभीर कैंसर है, जो गर्भाशय ग्रीवा (cervix) को प्रभावित करता है। यह कैंसर धीरे-धीरे विकसित होता है और शुरुआती चरण में कोई लक्षण नहीं दिखाता है। यदि इसका समय पर पता नहीं चलता है, तो यह जानलेवा हो सकता है।

सर्वाइकल कैंसर के कारण:

  • ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV): यह वायरस यौन संपर्क के माध्यम से फैलता है और सर्वाइकल कैंसर का मुख्य कारण है।
  • धूम्रपान: धूम्रपान करने से सर्वाइकल कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।
  • कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली: कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर का खतरा अधिक होता है।
  • एचआईवी संक्रमण: एचआईवी संक्रमित महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।
  • मौखिक गर्भनिरोधक गोलियों का लंबे समय तक उपयोग: मौखिक गर्भनिरोधक गोलियों का लंबे समय तक उपयोग सर्वाइकल कैंसर का खतरा थोड़ा बढ़ा सकता है।

सर्वाइकल कैंसर के लक्षण:

  • योनि से असामान्य रक्तस्राव: यह सर्वाइकल कैंसर का सबसे आम लक्षण है। यह रक्तस्राव मासिक धर्म के बीच या यौन संपर्क के बाद हो सकता है।
  • योनि से असामान्य स्राव: योनि से पानीदार, बदबूदार या खूनी स्राव हो सकता है।
  • पेट में दर्द: पेट के निचले हिस्से में दर्द या ऐंठन हो सकती है।
  • पेशाब में जलन: पेशाब करते समय जलन या दर्द हो सकता है।
  • पैरों में दर्द या सुन्नता: पैरों में दर्द या सुन्नता हो सकती है।
  • थकान: थकान और कमजोरी महसूस हो सकती है।

सर्वाइकल कैंसर का बचाव:

  • HPV वैक्सीन: HPV वैक्सीन सर्वाइकल कैंसर से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है। यह वैक्सीन 9 से 26 वर्ष की आयु की लड़कियों और महिलाओं को दी जा सकती है।
  • पैप स्मीयर टेस्ट: पैप स्मीयर टेस्ट सर्वाइकल कैंसर का पता लगाने का एक प्रभावी तरीका है। यह टेस्ट 21 वर्ष की आयु से हर 3 साल में करवाना चाहिए।
  • सुरक्षित यौन संबंध: सुरक्षित यौन संबंध, जैसे कि कंडोम का उपयोग, HPV संक्रमण और सर्वाइकल कैंसर के खतरे को कम कर सकता है।
  • धूम्रपान न करें: धूम्रपान न करने से सर्वाइकल कैंसर का खतरा कम हो सकता है।
  • स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं: स्वस्थ जीवनशैली अपनाने से सर्वाइकल कैंसर का खतरा कम हो सकता है। इसमें संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और पर्याप्त नींद शामिल हैं।

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सर्वाइकल कैंसर का इलाज:

सर्वाइकल कैंसर का इलाज कैंसर के चरण और रोगी की उम्र और स्वास्थ्य पर निर्भर करता है। इलाज के विकल्पों में शामिल हैं:

  • सर्जरी: सर्जरी में कैंसरयुक्त ऊतक को हटा दिया जाता है।
  • कीमोथेरेपी: कीमोथेरेपी में दवाओं का उपयोग करके कैंसर कोशिकाओं को नष्ट किया जाता है।
  • रेडिएशन थेरेपी: रेडिएशन थेरेपी में उच्च-ऊर्जा वाले विकिरण का उपयोग करके कैंसर कोशिकाओं को नष्ट किया जाता है।

HPV संक्रमण से कैसे बचें

1. HPV वैक्सीन लगवाएं: यह सबसे प्रभावी तरीका है। यह वैक्सीन 9-26 वर्ष की आयु के बीच लड़कियों और महिलाओं को दी जा सकती है। पुरुषों को भी 9-26 वर्ष की आयु के बीच वैक्सीन लगवाने की सलाह दी जाती है।

2. सुरक्षित यौन संबंध: यौन संबंधों के दौरान कंडोम का उपयोग HPV संक्रमण के खतरे को कम कर सकता है, लेकिन यह पूरी तरह से सुरक्षा प्रदान नहीं करता है।

3. यौन संपर्कों की संख्या कम करें: यौन संपर्कों की संख्या कम करने से HPV संक्रमण के खतरे को कम किया जा सकता है।

4. नियमित रूप से जांच करवाएं: महिलाओं को नियमित रूप से पैप स्मीयर टेस्ट करवाना चाहिए। यह टेस्ट गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर का पता लगाने में मदद करता है।

5. धूम्रपान न करें: धूम्रपान करने से HPV संक्रमण से होने वाले कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।

6. स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं: स्वस्थ जीवनशैली अपनाने से HPV संक्रमण से होने वाले कैंसर का खतरा कम हो सकता है। इसमें संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और पर्याप्त नींद शामिल हैं।

भारत में सर्वाइकल कैंसर से कितनी मौतें?

  • मौतें: 2020 में भारत में सर्वाइकल कैंसर से लगभग 60,000 महिलाओं की मृत्यु हो गई थी।
  • नए मामले: 2020 में भारत में सर्वाइकल कैंसर के लगभग 1,22,844 नए मामले सामने आए थे।
  • मृत्यु दर: भारत में सर्वाइकल कैंसर से मृत्यु दर 24.6% है।
  • आयु: भारत में सर्वाइकल कैंसर से मृत्यु दर 15-44 वर्ष की आयु वर्ग में सबसे अधिक है।

कारण:

  • जागरूकता की कमी: भारत में सर्वाइकल कैंसर के बारे में जागरूकता की कमी है।
  • स्क्रीनिंग की कमी: भारत में महिलाओं की एक बड़ी संख्या नियमित रूप से सर्वाइकल कैंसर की जांच नहीं करवाती है।
  • टीकाकरण की कमी: भारत में HPV वैक्सीन की कमी है।
  • उपचार की कमी: भारत में सर्वाइकल कैंसर के उपचार की सुविधाओं की कमी है।

सरकारी पहल:

भारत सरकार सर्वाइकल कैंसर को नियंत्रित करने के लिए कई पहल कर रही है। इनमें शामिल हैं:

  • राष्ट्रीय कैंसर नियंत्रण कार्यक्रम: यह कार्यक्रम सर्वाइकल कैंसर के बारे में जागरूकता फैलाने और महिलाओं को नियमित रूप से जांच करवाने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए काम करता है।
  • मिशन इंद्रधनुष: यह मिशन 9-14 वर्ष की आयु वर्ग की लड़कियों को HPV वैक्सीन प्रदान करता है।
  • जननी सुरक्षा योजना: यह योजना गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करती है, जिसमें सर्वाइकल कैंसर की जांच भी शामिल है।
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