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Draupadi Murmu Kaun Hai – Draupadi Murmu Biography in Hindi

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तो यहां पर यह जानना बहुत जरूरी है कि हमारे जो प्रधानमंत्री हैं और जो राष्ट्रपति है उनके बीच में क्या फर्क है और सबसे पहले हमें यह जानना जरूरी है कि क्या इंडिया में प्रेसिडेंट के जो इलेक्शन होते हैं उसमें नागरिक भाग लेते हैं

यहां पर बात करें द्रौपदी जो कि पहले हमारे भारत की अनुसूचित जन जाति से आने वाली महिला हैं और हमारी दूसरी महिला राष्ट्रपति के तौर पर चुना गया है

द्रौपदी मुर्मू का जीवन परिचय [जीवनी, जाति, उम्र, पति, सैलरी, बेटी, बेटा, आरएसएस, शिक्षा, राष्ट्रपति, जन्म तारीख, परिवार, पेशा, धर्म, पार्टी, करियर, राजनीति, अवार्ड्स, इंटरव्यू] Draupadi Murmu Biography in Hindi [caste, age, husband, income, daughter, rss, president, sons, qualification, date of birth, family, profession, politician party, religion, education, career, politics career, awards, interview, speech]

  • Draupadi Murmu Kaun Hai ने 1997 में भारतीय जनता पार्टी के साथ राजनीति में प्रवेश किया। ये उड़ीसा में भारतीय जनता पार्टी और बीजू जनता दल गठबंधन सरकार के दौरान, वह 6 मार्च 2000 से 6 अगस्त 2002 तक वाणिज्य और परिवहन मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) थीं। 
  • 6 अगस्त 2002 से 16 मई 2004 तक मछली पालन और विकास राज्य मंत्री थीं।
  • 2002 से 2009 तक भाजपा के एसटी मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य रही। 2006 से 2009 तक भाजपा के एसटी मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष रही। 2013 से अप्रैल 2015 तक एसटी मोर्चा, भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य रही। 2015 से 2021 तक झारखंड की माननीय राज्यपाल रही।

Draupadi Murmu Kaun Hai

यहां पर बात करें द्रौपदी जो कि पहले हमारे भारत की अनुसूचित जन जाति से आने वाली महिला हैं और हमारी दूसरी महिला राष्ट्रपति के तौर पर चुना गया है Draupadi Murmu Kaun Hai – Draupadi Murmu Biography in Hindi झारखंड की एकमात्र राज्यपाल रहीं, जिन्होंने पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा किया। हालांकि वे पांच वर्ष का कार्यकाल खत्म होने के बाद भी राज्‍यपाल पद पर बनी रहीं। उनका कार्यकाल 17 मई 2021 को समाप्त हो गया। द्रौपदी मुर्मू आदिवासियों, बालिकाओं के हितों को लेकर सजग रहीं। आदिवासियों से जुड़े मुद्दों पर वे कई बार सरकार को सीधे निर्देश देते हुए नजर आईं।

  • उड़ीसा गवर्नमेंट में राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार के तौर पर द्रौपदी मुर्मू को साल 2000 से लेकर के साल 2004 तक ट्रांसपोर्ट और वाणिज्य डिपार्टमेंट संभालने का मौका मिला।
  • इन्होंने साल 2002 से लेकर के साल 2004 तक उड़ीसा गवर्नमेंट के राज्य मंत्री के तौर पर पशुपालन और मत्स्य पालन डिपार्टमेंट को भी संभाला।
  • साल 2002 से लेकर के साल 2009 तक यह भारतीय जनता पार्टी के अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी के मेंबर भी रही।
  • भारतीय जनता पार्टी के एसटी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष के पद को इन्होंने साल 2006 से लेकर के साल 2009 तक संभाला।
  • एसटी मोर्चा के साथ ही साथ भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के मेंबर के पद पर यह साल 2013 से लेकर के साल 2015 तक रही
  • झारखंड के राज्यपाल के पद को उन्होंने साल 2015 में प्राप्त किया और यह इस पद पर साल 2021 तक विराजमान रही।

Draupadi Murmu Biography

Name Draupadi Murmu
Born June 20, 1958
Birth Place Uparbeda, Mayurbhanj, Odisha, India
Age 64 years
Parents Biranchi Narayan Tudu
Political Party Bharatiya Janata Party
Office President of India
Education Ramadevi Women’s University
Previous Offices Governor of Jharkhand, Minister of State for Fisheries and Animal, Minister of State for Commerce and Transport, Member of the Odisha Legislative Assembly
Children Itishri Murmu
Spouse Shyam Charan Murmu (passed away in 2014)

 

Draupadi Murmu Biography in Hindi :- इनका जन्म पिछड़े इलाके के अलावा एक आदिवासी परिवार में होने के बावजूद भी इन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा इलाके के एक विद्यालय में ही पूरी की है | वही इनका ग्रेजुएशन की पढ़ाई भुवनेश्वर शहर से पूरी हुई है | भुनेश्वर शहर में मौजूद रामा देवी महिला कॉलेज में दाखिला देने के बाद इनकी स्नातक की बढ़ाई पूर्ण हुई |

वही स्नातक शिक्षा पूर्ण होने के उपरांत इन्हें उड़ीसा सरकार में ही बिजली डिपार्टमेंट में जूनियर असिस्टेंट के तौर पर नौकरी प्राप्त हुआ | बिजली डिपार्टमेंट में इन्होंने 1979 से लेकर साल 1983 तक जूनियर असिस्टेंट के तौर पर कार्यरत रही | वही रायरंगपुर में स्थित अरबिंदो इंटीग्रल एजुकेशन सेंटर बतौर टीचर काम किया है |

 

द्रौपदी मुर्मू का राष्ट्रपति उम्मीदवार घोषित होना

Draupadi Murmu Kaun Hai – First Tribal President of India भी तक काफी लोग द्रौपदी मुर्मू के बारे में नहीं जानते थे परंतु हाल ही में चार-पांच दिनों से यह काफी चर्चा में हैं। लोग इंटरनेट पर यह सर्च कर रहे हैं कि द्रोपदी मुर्मू कौन है तो बता दे कि Draupadi Murmu Kaun Hai – Draupadi Murmu Biography in Hindi झारखंड की राज्यपाल रह चुकी है। इसके अलावा यह एक आदिवासी महिला है। इन्हें एनडीए के द्वारा हाल ही में भारत के अगले राष्ट्रपति के उम्मीदवार के तौर पर घोषित किया गया है।


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इस प्रकार अगर द्रौपदी मुर्मू भारत की राष्ट्रपति बनने में कामयाब हो जाती है, तो यह पहली ऐसी आदिवासी महिला होगी, जो भारत देश की राष्ट्रपति बनेगी, साथ ही यह दूसरी ऐसी महिला होंगी, जो भारत देश के राष्ट्रपति के पद को संभालेंगी। इसके पहले भारत देश के राष्ट्रपति के पद पर महिला के तौर पर प्रतिभा पाटिल विराजमान हो चुकी है।

श्याम चरण मुर्मू के साथ द्रौपदी मुर्मू की शादी हुई थी, जिनसे इन्हे संतान के तौर पर टोटल 3 बच्चे प्राप्त हुए थे, जिनमें दो बेटे थे और एक बेटी थी। हालांकि इनका व्यक्तिगत जीवन ज्यादा सुखमय नहीं था, क्योंकि इनके पति और इनके दोनों बेटे अब इस दुनिया में नहीं है। इनकी बेटी ही अब जिंदा है जिसका नाम इतिश्री है, जिसकी शादी द्रौपदी मुर्मू ने गणेश हेम्ब्रम के साथ की है।


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द्रोपदी मुर्मू को प्राप्त पुरस्कार

द्रौपदी मुरमू को नीलकंठ पुरस्कार सर्वश्रेष्ठ विधायक के लिए साल 2007 में प्राप्त हुआ था। यह पुरस्कार इन्हें ओडिशा विधानसभा के द्वारा किया गया था।

राष्ट्रपति चुनाव में खूब हुई क्रॉस वोटिंग, विपक्ष के कई सांसदों-विधायकों ने दिया द्रौपदी मुर्मू को वोट

बता दें कि पहले चरण में सांसदों के वोटों की गिनती हुई थी। इस चरण में द्रौपदी मुर्मू को 540 तो वहीं यशवंत सिन्हा को 208 वोट मिले थे। मुर्मू को मिलने वाले वोट की वैल्यू 3,78,000 तो वहीं यशवंत सिन्हा के वोटों की वैल्यू 1,45,000 है। बता दें कि दोनों सदनों के मिलाकर सांसदों के 780 वोट थे जिनमें से 13 सांसदों ने वोटिंग में भाग नहीं लिया था Draupadi Murmu Kaun Hai और इस चरण में 15 वोट अमान्य भी पाए गए थे। यानी संसद में मुर्मू को 72 फीसदी सांसदों का समर्थन हासिल हुआ है, जबकि यशवंत सिन्हा के लिए सिर्फ 28 फीसदी सांसदों ने ही वोट डाला। लेकिन दोनों सदनों को मिलाकर एनडीए के इतने सांसद नहीं है। इसका मतलब है कि कई सांसदों ने पार्टी की राजनीति के ऊपर उठकर द्रौपदी मुर्मू का समर्थन किया।

राष्ट्रपति चुनाव भारत में कैसे होता है?

Draupadi Murmu Kaun Hai – First Tribal President of India देश में होने वाला राष्ट्रपति का चुनाव अन्य चुनावों के मुकाबले थोड़ा अलग और जटिल है। देश में राष्ट्रपति के चुनाव (How President Is Elected in India) में सीधे जनता की भागीदारी नहीं होती, इसके विपरीत जनता का प्रतिनिधित्व करने वाले यानी सांसद और विधायक राष्ट्रपति के चुनाव में भाग लेते हैं। लेकिन जो सांसद या विधायक नॉमिनेटेड होते हैं वे इस चुनाव में भाग लेने के योग्य नहीं माने जाते क्योंकि वे नॉमिनेटेड होते हैं और सीधे जनता द्वारा नहीं चुने जाते। इसी तरह विधानसभाओं के सदस्य भी इस चुनाव में हिस्सा नहीं लेते।

प्रेसिडेंट के इलेक्शन में सिंगल ट्रांसफरेबल वोट का इस्तेमाल किया जाता है। वोटर एक ही वोट देता है पर वह सभी कैंडिडेट्स में से अपनी प्रायॉरिटी तय कर देता है यानी वह बैलट पेपर पर बता देता है कि उसकी पहली पसंद कौन है और दूसरी, तीसरी कौन। बैलेट पेपर पर कोई इलेक्शन प्रतीक नहीं मौजूद होता। जबकि पेपर पर दो कॉलम होते हैं

क्या है एकल संक्रमणीय मत पद्धति

  • राष्ट्रपति का चुनाव एक निर्वाचक मंडल, जिसे इलेक्टोरल कॉलेज भी कहा जाता है, करता है। संविधान के अनुच्छेद 54 में इसका वर्णन है। यानी जनता अपने राष्ट्रपति का चुनाव सीधे नहीं करती, बल्कि उसके द्वारा चुने गए प्रतिनिधि करते हैं। चूँकि जनता राष्ट्रपति का चयन सीधे नहीं करती है, इसलिए इसे परोक्ष निर्वाचन कहा जाता है।
  • भारत के राष्ट्रपति के चुनाव में सभी राज्यों की विधानसभाओं एवं संघराज्य क्षेत्रों की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य और लोक सभा तथा राज्य सभा के निर्वाचित सदस्य भाग लेते हैं। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत सदस्य, राष्ट्रपति चुनाव में वोट नहीं डाल सकते हैं।
  • एक महत्त्वपूर्ण तथ्य यह भी है कि विधान परिषद के सदस्य राष्ट्रपति चुनाव में मत का प्रयोग नहीं कर सकते हैं। ध्यातव्य हो कि भारत में 9 राज्यों में विधान परिषदें आस्तित्व में हैं लेकिन राष्ट्रपति का चयन जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधि ही करते हैं।
  • Draupadi Murmu Kaun Hai – First Tribal President of India भारत में राष्ट्रपति के चुनाव में एक विशेष तरीके से वोटिंग होती है। इसे सिंगल ट्रांसफरेबल वोट सिस्टम कहते हैं। सिंगल वोट यानी मतदाता एक ही वोट देता है, लेकिन वह कई उम्मीदवारों को अपनी प्राथमिकता के आधार पर वोट देता है। अर्थात् वह बैलेट पेपर पर यह बताता है कि उसकी पहली पसंद कौन है और दूसरी, तीसरी कौन।
  • यदि पहली पसंद वाले वोटों से विजेता का फैसला नहीं हो सका, तो उम्मीदवार के खाते में वोटर की दूसरी पसंद को नए सिंगल वोट की तरह ट्रांसफर किया जाता है। इसलिये इसे सिंगल ट्रांसफरेबल वोट कहा जाता है।
  • उल्लेखनीय है कि वोट डालने वाले सांसदों और विधायकों के मतों की प्रमुखता भी अलग-अलग होती है। इसे ‘वेटेज़’ भी कहा जाता है। दो राज्यों के विधायकों के वोटों का ‘वेटेज़’ भी अलग-अलग होता है। यह ‘वेटेज़’ राज्य की जनसंख्या के आधार पर तय किया जाता है

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राष्ट्रपति Draupadi Murmu  की शक्तियाँ

  • 26 जनवरी, 1950 को संविधान के अस्तित्व में आने के साथ ही देश ने ‘संप्रभु लोकतांत्रिक गणराज्य’ के रूप में नई यात्रा शुरू की। परिभाषा के मुताबिक गणराज्य (रिपब्लिक) का आशय होता है कि राष्ट्र का मुखिया निर्वाचित होगा, जिसको राष्ट्रपति कहा जाता है।
  • राष्ट्रपति की शक्तियाँ कुछ इस प्रकार से हैं; अनुच्छेद 53 : संघ की कार्यपालिका शक्ति राष्ट्रपति में निहित होगी। वह इसका उपयोग संविधान के अनुसार स्वयं या अपने अधीनस्थ अधिकारियों के माध्यम से करेगा। इसकी अपनी सीमाएँ भी हैं ;

1. यह संघ की कार्यपालिका शक्ति (राज्यों की नहीं) होती है, जो उसमें निहित होती है।
2. संविधान के अनुरूप ही उन शक्तियों का प्रयोग किया जा सकता है।
3. सशस्त्र सेनाओं के सर्वोच्च कमांडर की हैसियत से की जाने वाली शक्ति का उपयोग विधि के अनुरूप होना चाहिये।

  • अनुच्छेद 72 द्वारा प्राप्त क्षमादान की शक्ति के तहत राष्ट्रपति, किसी अपराध के लिये दोषी ठहराए गए किसी व्यक्ति के दंड को क्षमा, निलंबन, लघुकरण और परिहार कर सकता है। मृत्युदंड पाए अपराधी की सज़ा पर भी फैसला लेने का उसको अधिकार है।
  • अनुच्छेद 80  के तहत प्राप्त शक्तियों के आधार पर राष्ट्रपति, साहित्य, विज्ञान, कला और समाज सेवा में विशेष ज्ञान या व्यावहारिक अनुभव रखने वाले 12 व्यक्तियों को राज्य सभा के लिये मनोनीत कर सकता है।
  • अनुच्छेद 352 के तहत राष्ट्रपति, युद्ध या बाहरी आक्रमण या सशस्त्र विद्रोह की स्थिति में आपातकाल की घोषणा कर सकता है।
  • अनुच्छेद 356  के तहत राष्ट्रपति द्वारा किसी राज्य के संवैधानिक तंत्र के विफल होने की दशा में राज्यपाल की रिपोर्ट के आधार पर वहाँ राष्ट्रपति शासन लगाया जा सकता है।
  • वहीं अनुच्छेद 360 के तहत भारत या उसके राज्य क्षेत्र के किसी भाग में वित्तीय संकट की दशा में वित्तीय आपात की घोषणा का अधिकार राष्ट्रपति को है।
  • Draupadi Murmu Kaun Hai – First Tribal President of India  राष्ट्रपति कई अन्य महत्त्वपूर्ण शक्तियों का भी निर्वहन करता है, जो अनुच्छेद 74 के अधीन करने के लिए वह बाध्य नहीं है। वह संसद के दोनों सदनों द्वारा पास किये गए बिल को अपनी सहमति देने से पहले ‘रोक’ सकता है। वह किसी बिल (धन विधेयक को छोड़कर) को पुनर्विचार के लिये सदन के पास दोबारा भेज सकता है।
  • अनुच्छेद 75 के मुताबिक, ‘प्रधानमंत्री की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाएगी। चुनाव में किसी भी दल या गठबंधन को जब स्पष्ट बहुमत नहीं मिलता है तो राष्ट्रपति अपने विवेक का इस्तेमाल करते हुए ही सरकार बनाने के लिये लोगों को आमंत्रित करता है। ऐसे मौकों पर उसकी भूमिका निर्णायक होती है

Who is Draupadi Murmu ?

She is the next presidential candidate of India announced by the Bharatiya Janata Party and other allies.

झारखंड की पहली महिला राज्यपाल कौन है?
झारखंड की पहली महिला राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू थी।
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