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Neuroscience Kya hai

Neuroscience Kya hai: आज के इस टॉपिक मैं आपको बताने वाली हूं कि न्यूरोसाइंस क्या होता है यानी एक इस तरह का साइज जिसमें आप अपनी तंत्रिकाओं को यानि दिमाग को जान सकते हैं उससे ऐसी ऐसी चीजें करवा सकते हैं जो कि सच में जादू की तरह परंतु यह कोई जादू नहीं एक साइंस है यानी एक विज्ञान है नमस्कार दोस्तों आज हम आपके सामने यह पूरा डिटेल में एक ब्लॉग लेकर आए हैं जिसमें आप इसे अच्छे से समझेंगे और जानेंगे यह आर्टिकल शुरू करने से पहले मैं आपको बताना चाहूंगी कि इससे पहले हम कई सारे अलग-अलग प्रकार के आर्टिकल आ चुके हैं Neuroscience Kya hai जिसमें आपको टेक्नोलॉजी से रिलेटेड अपडेट्स क्रिप्टो करेंसी और हिंदी नॉलेज के कई सारी चीजें जाने को मिलेंगी आप उनको भी पढ़ सकते हैं फिलहाल हम शुरू करते हैं अपने आज के इस टॉपिक से न्यूरोसाइंस क्या है यानी न्यूरोलॉजी क्या है दोस्तों न्यूरोसाइंस या न्यूरोलॉजी एक ही है बस पढ़ने का तात्पर्य या आप यूं कहें कि सुनने का तात्पर्य बिल्कुल अलग है सो शुरू करते हैं





Neuroscience Kya hai या Neurology kya hai ?

माना जाता है Neuroscience Kya hai कि दुनिया में ऐसी कई सारी बीमारियां हैं जिनके बारे में हमें अभी तक ज्ञान नहीं है नॉलेज नहीं है और कुछ एक ऐसी बीमारियां जो दिखती नहीं है या हम उन्हें देख नहीं सकते या हम देखना नहीं चाहते बेसिकली आपको बताया तो फिजिकल यानी शारीरिक तौर पर वह बीमारी नहीं दिखती लेकिन यह बीमारी मानसिक तौर पर होती है जिसे हम मेंटल डिसऑर्डर भी कहते हैं तो अब एक बात अब समझिए कि हम किस बीमारी को देख नहीं सकते समझ नहीं सकते हम अपने माइंड में हर दिमागी बीमारी की एक ही धारणा बना लेते हैं और वह यह है कि जो भी इस तरह की किसी बीमारी से ग्रस्त है वह पागल है तो उसे पागल की कैटेगरी में देखा जाता है मगर यह सत्य नहीं है which not a true Means हम किसी भी तरह की बीमारी को एक जैसा नाम नहीं दे सकते हैं तो यहां पर बात करते हैं कि मानसिक तौर पर किस तरह की बीमारियां लोगों को होती है और वह बहुत कॉमन है

What is Neuroscience? Why is it Important?- CUSABIO

जैसे ब्रेन हेमरेज , दिमागी संक्रमण , बार बार चक्कर आना , मिर्गी का दौरा आना , माइग्रेन, हाइपरटेंशन जैसी समस्या होना , साइटिका हो जाना , न्यूरोपैथी होना , अल्जाइमर रोग के लक्षण दिखाई देना | पार्किंसन रोग हो जाना , ब्रेन स्ट्रोक हो जाना , गर्दन या पीठ में जोड़ों का दर्द होना | तो इस तरह की कई सारी दिमागी बीमारियां जो कि ठीक करने के लिए हम न्यूरोलॉजिस्ट की हेल्प लेते हैं न्यूरोलॉजिस्ट बेसिकली केवल दिमाग की बीमारियों के लिए जाने जाते हैं अब यह मानसिक बीमारियां किसी भी प्रकार की हो सकती हैं जो कि हमने ऊपर ऑलरेडी आपको बता दिया कि यह एक कॉमन बीमारियों के नियम है जिनके लिए बेसिकली आज न्यूरोलॉजिस्ट अवेलेबल है परंतु यहां पर और भी कई सारी यानी अनगिनत बीमारियां हैं मानसिक बीमारियां हैं जो कि अभी तक न्यूरोलॉजिस्ट को भी समझ नहीं आई है Neuroscience Kya hai और उनकी भी पकड़ से बाहर है उसको एक्सेप्ट करती है और यह मानती है कि इस तरह की बीमारियां साइंटिफिक ली है परंतु इनका कोई इलाज है या नहीं यानी कुछ ऐसी मानसिक बीमारियां चीन का इलाज अभी संभव नहीं है आपको बताना चाहेंगे कि

 न्यूरोलॉजिस्ट से न्यूरोसाइंस कैसे कनेक्ट है

ऐसी बातें कि अगर हमें अगर न्यूरो की सीन जगत में जाना है तो हमें उसी के बारे में जानना और सीखना पड़ता है अब जो इन तीनों को सीखता है वही न्यूरोलॉजिस्ट बनता है

Dissociative Identity Disorder

यानी एक शरीर में रहते हैं कई सारे लोग! केदार के बदल जाती अपने दोस्तों अभिषेक बच्चन की मूवी the shadows देखा होगा कि अभिषेक बच्चन मल्टीपल पर्सनालिटी इसमें है मतलब एक ही शरीर में कई सारी पर्सनालिटी इसको जीना यह एक बहुत भयानक रूप भी ले सकता है हमने अभी तक तो कई सारी ऐसी मूवीस में देखा है या सीरीज में देखा है कि ऐसा भी कोई बीमारी होती है जिसका इलाज कोई दवाई में नहीं है Neuroscience Kya hai तो यह इस तरह की मूवी में आप देखेंगे कि एक ही शरीर में आपको अलग-अलग किरदारों और मानसिकता वाले व्यक्तित्व जी रहे हैं लेकिन हमारे समाज में इस तरह के किरदार इस तरह की बीमारियों को भूत प्रेत का साया कहते हैं यानी एक शरीर में कई सारी आत्माओं का कब्जा , देखा तो आप भी जानते इस बात को मैंने तो कई सारे ऐसे लोगों को देखा है जो कि छोटी से छोटी कहते तो ज्यादा बढ़ जाती है किसी ने कुछ हवा पानी चढ़ा दिया है या चल गया है मतलब किस तरह की बातें करते हैं परंतु कुछ नहीं होता है यह तो एक नॉर्मल पोस्ट होती है तो यहां पर यह तो पर्सनालिटी बीमारी है इसका इलाज संभव नहीं है परंतु कुछ एक stage मैं हम यह व्यक्ति को यकीन करवा सकते हैं कि उसकी क्या पर्सनालिटी है यानी हम चाहे तो किसी भी व्यक्ति में अगर उसे इस तरह की कोई बीमारी शुरू हो रही है तो उसे किसी भी तरह से टर्न कर सकते हैं और ऐसा पॉसिबल है परंतु यह हमें पता होना चाहिए क्योंकि इंपॉसिबल है Neuroscience Kya hai यानी किसी को भी नहीं पता चलता कि जो मानसिक रोगी है वह बीमार है या नहीं

Multiple Personality Disorder

Neuroscience Kya hai एक बहुत ही फेमस मूवी है भूल भुलैया तो यह है तुम्हें यही कहना चाहती हूं कि एक तरह से यह कुमारी जो है उसके लिए हमें बहुत सतर्क रहना पड़ता है क्योंकि कई बार हमें पता ही नहीं होता कि रूबी कौन है और क्या है और जो कि शरीर के किसी बीमारी से बिल्कुल अलग है जो रोगी होते हैं मानसिक बीमारी होती है वह आम लोगों की ही तरह रहते हैं खाते हैं पीते हैं सोते हैं परंतु कुछ एक ऐसा टाइम होता है Neuroscience Kya hai या कोई एक ऐसा ट्रिगर होता है जिस टाइम पर जजेस मोमेंट पर वह अपनी खुद की पर्सनालिटी को भूल कर उस दूसरी पर्सनालिटी में खो जाते हैं और उसे ही अपना रियल आइडेंटिटी मान लेते हैं जैसे की भूल भुलैया मूवी में मंजूलिका कि जो स्टोरी है उसे अग्नि नाम की कैरेक्टर नेम करैक्टर ने अपना खुद का स्वरूप मान लिया था

मानसिक रोग के क्या कारण हैं देखिए ऐसे बहुत से कारण हो सकते हैं लेकिन इसमें महत्वपूर्ण यह है कि जो व्यक्ति है उसके साथ यानी उसका जीवन कैसा बीता है वह जिस भी स्टेज में है इससे पहले कि उसकी लाइफ क्या थी तो अगर आपको किसी मानसिक रोगी का कारण देखना है या जानना है तो उसके पास को देखना होगा क्योंकि तभी आपको यह पता चल सकता है कि उसके साथ ऐसा क्या हुआ है जिससे उसे इतना ज्यादा झटका लगा और इस झटके से उसके दिमाग से काफी ज्यादा असर पड़ा मानसिक रोग के क्या लक्षण है वैसे तो मैंने आपको पहले ही बता दिया कि यह पता लगाना बहुत ही कठिन है कि कोई भी व्यक्ति मानसिक रोगी है या नहीं परंतु इसमें बहुत ज्यादा ऐसी चीजें जो आप नोटिस कर सकते हैं पर यह पता कर सकते हैं कि हां किसी व्यक्ति के दिमाग में क्या चल रहा होगा तो उसकी कुछ एक्टिविटीज हूं जैसे कोई भी व्यक्ति जो फिजिकल दुनिया है

  • यानी अपनी पर्सनालिटी से बिल्कुल अलग नजर आ जाए अचानक से
  • या फिर वह किसी ऐसी जगह पहुंच जाए या नहीं जाना चाहिए नार्मल उसे नहीं जाना चाहिए
  • या कोई एक्टिविटी अजीब है नॉर्मल नॉर्मल लोगों की तरह नहीं है
मस्तिष्क में सबसे प्रचुर सेल प्रकार क्या है?

यह ग्लियाल कोशिकाएं हैं, जो सभी प्रकार के कार्यों को पूरा करती हैं,और जिनमें से न्यूरॉन्स को support करता है.

वयस्क मानव के मस्तिष्क में कितने न्यूरॉन होते हैं

80 बिलियन न्यूरॉन हैं.







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