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Rakshas Aur Asur main kya fark hai

हेलो दोस्तों स्वागत है आपका हमारी वेबसाइट पर आज हम आपको बताने वाले है की असुर कौन होते है और राक्षस कौन होते है ,राक्षस और असुर में क्या फर्क है। सबसे खतरनाक राक्षस कौन है? सबसे शक्तिशाली राक्षस कौन सा था? राक्षसों की रानी का नाम क्या था? ताडका कौन थी उसे किसने मारा? राक्षस, यक्ष और असुर यह दोनों काफी अलग -अलग है। असुर वे हैं, जो देवताओं के साथ लड़ा करते हैं। ऐसा माना गया है कि देवता स्वर्ग में रहते और असुर पाताल में रहते हैं। राक्षस इंसान के साथ लड़ाई  किया करते हैं जैसे की दोस्तों राम और रावण की लड़ाई के बारे में पढ़ा ही होगा। राम मनुष्यों के राजा थे और रावण राक्षसों का। Rakshas Aur Asur main kya fark hai यह लड़ाई  पृथ्वी में होती थी। राक्षस हमेशा जंगल में पाए जाते है। उन्हें हम बारबेरियंस, मतलब जंगली कहा जाता है दोस्तों अब हम शुरू करते है।  आपको पूरी जानकारी इस आर्टिकल में दूंगी तो इस आर्टिकल को अंत तक जरूर पढ़े। Rakshas Aur Asur main kya fark hai

Asur Kaun Hai 

Rakshas Aur Asur main kya fark hai हिन्दू धर्मग्रन्थों में असुर वह लोग हैं जो की ‘सुर’ (देवताओं) से संघर्ष किया करते हैं। और धर्मग्रन्थों में उन्हें शक्तिशाली, अतिमानवीय, अर्धदेवों के रूप में माना जाता है। और असुर का अर्थ यह भी होता है जो सुर ( देवता )‌ नहीं होते हैं। वह प्राचीन ग्रंथों और पुराणों में असुर तीन प्रकार के बताया गया हैं दैत्य , दानव और राक्षस इनके फालतू की बाते जैसे भूत , प्रेत आदि बुरी आत्मों को भी असुर का ही नाम रखा गया है। और उसी प्रकार असुरों की‌ माता भी तीन हैं। दैत्यों की माता दिति , दानवों की माता दनु और‌ राक्षसों की माता सुरसा। Rakshas Aur Asur main kya fark hai यह जो शब्द भाषाई रूप से भारतीय-ईरानी लोगों के लिए और पूर्व-पारसी धर्म युग के शब्द “अहुर” से जुड़ा हुआ माना जाता है।

Rakshas Kaun Hai 

राक्षस वह है जो आर्य व्यवहार ,व्यवस्था, विचार का शत्रु, विधान और मैत्री इन सभी पर यकीन नहीं करते है।  और परायाधन परायीस्त्री व वस्तुओं को हड़पना चाहते थे। Rakshas Aur Asur main kya fark hai मानव जाति के समाज को बर्बाद करने में ही अपना यश मानने वाला तथा यज्ञकार्य का नाश करके अपने ब्राह्मण वर्ण के युवकों के मांस का भक्षण करने वाला वर्ग को राक्षस कहा जाता है।  

असुर की लड़ाई

जिसे तेल असुर या टरमस अया की लड़ाई  भी कहा जाता है और तारीख 8-12 मार्च 1918 को यरूशलेम की लड़ाई में  निर्णय लिया और जीत और सिनाई और फिलिस्तीन के दौरान में  जेरिको पर कब्जा करने के बाद हुई। प्रथम विश्व युद्ध का अभियान । लड़ाई एक ऐसे क्षेत्र पर हुई जो भूमध्यसागर से लेकर अबू टेलुल और जॉर्डन घाटी के किनारे पर मुसलाबेह तक फैल गया था। फरवरी 1918 में मिस्र के अभियान बल (ईईएफ) द्वारा जेरिको पर कब्जा करने के बाद जॉर्डन घाटी पर कब्जा शुरू हुआ। फिर हालांकि, नियोजित ट्रांसजॉर्डन संचालन के लिए पर्याप्त मजबूत base पर प्रदान करने के लिए कब्जा किया गया और क्षेत्र पर्याप्त रूप से व्यापक नहीं था। Rakshas Aur Asur main kya fark hai ओटोमन सातवीं सेना और आठवीं सेना के खिलाफ XX और XXI कोर के हमलों के बाद EEAF की श्रेष्ठ कतार को सफलतापूर्वक उत्तर की ओर धकेल दिया गया ता  मार्च के आखिरी  में अम्मान पर पहला ट्रांसजॉर्डन हमला शुरू किया गया था Rakshas Aur Asur main kya fark hai जिसके बाद अगले महीने शुनेट निमरीन और एस साल्ट पर दूसरा ट्रांसजॉर्डन हमला हुआ ।

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Rakshas Aur Asur main kya fark hai

राक्षस हमेशा जंगल में पाए जाते हैं। उन्हें हम बारबेरियंस, यानी जंगली कहते हैं। Rakshas Aur Asur main kya fark hai रामायण में  कहा जाता हैं कि रावण और कुबेर वह दोनों भाई थे। कुबेर यक्षों का राजा था और रावण राक्षसों का और दोनों विश्रवा के बच्चे थे। और कश्यप की तरह विश्रवा भी ब्रह्मा के पुत्र थे। उनकी दो पत्निया थीं।उसमे  से एक पत्नी राक्षसों का जन्म दिया और दूसरी पत्नी ने यक्षों को।   Rakshas Aur Asur main kya fark hai देवासुर हमेशा लड़ाई करा करते थ। नाग और गरुड़ हमेशा लड़ाई करते हैं, उसी तरह राक्षस और यक्ष भी लड़ाई किया करते थे। यक्षों ने जितना भी धन इकट्ठा किया था, उसे लंका में जमा करके रखा करते थे लेकिन राक्षसों ने यह धन छीन लिया था और फिर दक्षिण से उत्तर भेज दिया। अलंका या अलाका उत्तर में ही है, कैलाश पर्वत यक्षों का घर है और जबकि लंका राक्षसों का। इसका कोई भी ज्योतिषीय महत्व हो सकता है या पौराणिक भूगोल से कुछ संबंध, पर यह दर्शाता है कि हर बल के अलग बल होता है, जैसे की -देव-असुर, गरुड़-नाग, राक्षस-यक्ष, यह एक थीम बार-बार पुराणों में आती है। Rakshas Aur Asur main kya fark hai और  यह तनाव इसलिए है,की  ताकि वह  संतुलन में आए जाए। खास बात यह है कि अगर वह रस्साकशी हो तो फिर हिंसा तो होनी ही है। और अगर है, तो तालमेल  भी होना ही है।  उत्पादकता बढ़ेगी।

 

असुर संस्कृति

  • असुर- संस्कृति
  • नाग- संस्कृति
  • शाक्त- संस्कृति
  • जैन- संस्कृति
  • बौद्ध- संस्कृति

असुर – संस्कृति

पुराणों से स्पष्ट किया गया है कि कृष्ण के उदय से पूर्व कंस ने यादव गणतंत्र के अपने पिता उग्रसेन को बंदी बनाकर निरंकुश एकतंत्र की स्थापना करके अपने को सम्राट घोषित किया और फिर यादव व आभीरों को दबाने के लिए उसने इस क्षेत्र में असुरों को भारी मात्रा में सम्मान बसाया था, जो प्रजा को परेशान किया करते थे। Rakshas Aur Asur main kya fark hai श्रीकृष्ण ने बाल्यकाल में ही आभीर युवकों को संगठित करके इनसे टक्कर ली थी। ब्रज के हर प्रकार के भागों में इन असुरों को जागीरें देकर कंस ने सम्मानित किया था। मथुरा के समीप दहिता क्षेत्र में दंतवक्र की छावनी थी, पूतना खेंचरी में, अरिष्ठासुर अरोठ में तथा व्योमासुर ( संभवतः वृत्रासुर ) कामवन में बसे थे। Rakshas Aur Asur main kya fark hai परंतु कंस के वध के साथ ही यह असुर समूह या तो मारा गया या इस क्षेत्र से भाग गया।Rakshas Aur Asur main kya fark hai

नाग – संस्कृति

कृष्ण काल में नाग जाति भी, जिनकी अपनी पृथक संस्कृति थी और ब्रज में आकर बस गए थे।  कालिय नाग को संघर्ष में पराजित करके श्री कृष्ण ने ब्रज से निर्वासित कर दिया था, Rakshas Aur Asur main kya fark hai परंतु नाग जाति यहाँ प्रमुख रुप से बसी रही। मथुरा पर उन्होंने काफी समय तक शासन भी किया। नागसेन आदिनाग नरेश ब्रज के इतिहास में उल्लेख किया जिन्हें गुप्तवंश ने पराजित किया था। नाग देवताओं के अनेक मंदिर आज भी ब्रज में विद्यमान हैं।

शाक्त – संस्कृति

कृष्ण काल में यहाँ शाक्त- संस्कृति का भी प्रभाव बहुत बढ़ा है। ब्रज में महामाया, महाविद्या, करोली, सांचोली आदि विख्यात शक्तिपीठ हैं। Rakshas Aur Asur main kya fark hai कंस ने वसुदेव के जरिये यशोदा से उत्पन्न जिस कन्या का वध किया था, उसे भगवान कृष्ण की प्राणरक्षिका देवी के रुप में पूजा जाता था देवी शक्ति की यह मान्यता ब्रज से सौराष्ट्र तक फैली है। द्वारका में भगवान द्वारकानाथ के शिखर पर चर्चित सिंदूरी आकर्षक देवी प्रतिमा देखकर जब आश्चर्यचकित हमने उसका परिचय जानने की चेष्टा की तो हमें बतलाया गया कि यह भगवान कृष्ण की भगिनी हैं,Rakshas Aur Asur main kya fark hai जो शिखर पर विराजमान होकर सदा इनकी रक्षा करती हैं। Rakshas Aur Asur main kya fark hai ब्रज तो तांत्रिकों का आज से १०० वर्ष पूर्व तक प्रमुख गढ़ था। यहाँ के तांत्रिक भारत प्रसिद्ध रहे हैं। कामवन भी राजा कामसेन के समय तंत्र विद्या का मुख्य केंद्र था, उसके दरबार में कई सारे तांत्रिक रहते थे।

जैन – संस्कृति

युग में ब्रज की इन संस्कृतियों का संयोग से होते- होते जो ब्रज संस्कृति बनाई गयी वह ऐतिहासिक युग में और विकसित हुई। जैसा की पहली सदी में जैन धर्म ने ब्रज को विशेष रुप से प्रभावित किया। Rakshas Aur Asur main kya fark hai जैन धर्म के 22 तीथर्ंकर नेमिनाथजी ब्रज के शौरिपुर राज्य के राजकुमार व भगवान कृष्ण के चचेरे भाई थे। और मथुरा में जब वह विवाह के लिए पधारे तब बारात के भोजन को पकड़े गए पशुओं के विशाल समूह को देखकर उन्होंने जीव- हिंसाके विरुद्ध विवाह करना ही अस्वीकार कर दिया और फिर तप करने चले गए। Rakshas Aur Asur main kya fark hai बाद में उनकी अविवाहित पत्नी राजुल ने भी उन्हीं का अनुकरण किया। इससे ब्रज में जीव- हिंसा विरोधी जो प्रतिक्रिया हुई फिर उसने पूरे समाज को ही प्रभावित किया। आजभी वह मांस ,मच्छी का सेवन नहीं करते। ब्रजवासियों का भोजन खाने से माना कर दिया। Rakshas Aur Asur main kya fark hai अभी भी अधिकतर ब्रजवासी प्याज और यहाँ तक कि कुछ तो टमाटर तकका भी सेवन नहीं करते हैं। मथुरा व शैरिपुर दोनों ही किसी समय जैन धर्म के गढ़ थे। Rakshas Aur Asur main kya fark hai बटेश्वर में तीथर्ंकर की जो दिव्य प्रतिमा है, वह आल्हा द्वारा स्थापित कही जाती है। जंबू स्वामी के कारण चौरासी तीर्थ आज भी भारत प्रसिद्ध है। कंकाली टीले पर किसी युग में जैन धर्म का प्रधान केंद्र था। यहाँ का विशाल जैन स्तूप देव निर्मित माना जाता था। जैनों का एक युग में इस क्षेत्र पर भारी प्रभाव था।

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Last words 

दोस्तों आज हमने पढ़ा है की असुर कौन है और राक्षस कौन है , असुर और राक्षस में क्या फर्क है  असुर की लड़ाई।  के बारे में जाना और आपको ऐसे ही और नई जानकारी चाहिए तो आप हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताये और आपको यह आर्टिकल कैसा लगा आप मुझे कमेंट में शेयर जरूर करे और अपने मेरे आर्टिकल को पढ़ा है तो आप अपने दोस्तों और रिश्तेदारों तक अवश्य पहुचाये। 

धन्यवाद

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Adarsh
Adarsh
3 months ago

Best mam

Adarsh
Adarsh
3 months ago

Super senior

Sanjana
Sanjana
3 months ago

Bëśť knowledge dear

Dharmveer Kumar
Dharmveer Kumar
3 months ago
Tarun
Tarun
3 months ago

Very nice content👍👌