Web 3.0 Kya Hai ? कैसे इससे ये कंपनिया डूबेगी जानिए.

Web 3.0 इंटरनेट की दुनिया का अगला टाइप है, जहां कोई भी सर्विस या वास्तु ब्लाकचेन पर चलेंगी। खेर अभी तक तो वेब 3.0 डीसेंट्रलाइज्ड यानी विकेंद्रीकृत इंटरनेट है, जो एक सार्वजनिक ब्लाकचेन पर चलता है, जिसका उपयोग क्रिप्टोकरेंसी लेनदेन के लिए भी किया जाता है यानी आसान भाषा में इसपर किसी पर्टिकुलर अथॉरिटी का कोई अधिकार नहीं है ।
दोस्तों ये केवल अभी बस कहा जा रहा है परन्तु अभी भी यह बोहोत सी चीज़ आपको Web 3.0 क्या है के बारइ में जानती है  Web 3.0 क्या है  What is Web 3.0 in Hindi, web 3.0 meaning in Hindi, Web 3.0 kya hai, Web 3.0 Explained in Hindi, about web 3.0 in Hindi, वेब 3.0 क्या है

वेब 3.0 में आपको कोई भी कंपनी कंट्रोल नहीं कर पाएगी इसमें कोई भी कंपनी नहीं होगी बल्कि वही अपने कंटेंट का मालिक होंगे I

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Web 1.0 क्या है?

जैसे ही हम सब जानते हैं कि वर्ष 1989 में वर्ल्ड वाइड वेब (World Wide Web) यानी इंटरनेट की शुरुआत हुई थी, तब इंटरनेट के इंटरनेट से काफी अलग था उस समय इंटरनेट पर केवल जानकारी टैक्स यानी अक्षर के रूप में ही मिलती थी I जैसे इसे समय बिताता गया इंटरनेट में बदलाव होते गए, इसके बाद इंटरनेट का एक नया वर्जन वेब 2.0 आया इसमें टेक्स्ट फॉरमैट के साथ-साथ कई प्रकार की मीडिया भी शामिल हो गई जिसमें फोटोस वीडियोस ग्राफिक्स आदि इसमें आ गई I

TODAY के समय में जो इंटरनेट का उपयोग कर रहे कर रहे हैं वह Web 2.0 यानी मौजूद इंटरनेट एक तरीके से कंट्रोल किया जाता है, यह डिसेंट्रलाइज्ड नहीं है इंटरनेट का ज्यादा पर कांटेक्ट आप गूगल के जरिए सर्च करते हैं यानी आपका डाटा को कंट्रोल करने वाली कंपनियां होती है इन कंपनियों के पास आपका डाटा होता है ।

Web 1.0

Web 1.0 में Internet एक दम नया था जहा केवल हम ब्राउज करके वेबसाइट पर जो कंटेंट दिया हुआ है उसको पड़ सकते थे और उस समय Website के इंटरफ़ेस काफी ज्यादा बोरिंग से होते थे क्योंकी Web 1.0 में Websites पर केवल Text ही मौजूद होते थे,

वही TODAY Web 2.0 में वेबसाइट में विडियो, इमेज इन सब को हम लगा सकते है पर Web 1.0 में ये सब मुमकिन नहीं था। उस समय में हम किसी भी वेबसाइट पर न ही TODAY की तरह कमेंट कर सकते थे और न ही login कर सकते थे।

Web 1.0 में काफी कमिया थी जिसको सुधारा गया और उसके बाद शुरुआत हुई Web 2.0 की जिसपर अभी इंटरनेट चल रहा है।

Web2.0

Web 2.0 की शुरुआत 1999 से शुरू हुई जब इंटरनेट काफी ज्यादा प्रसिद्ध हो गया और इसी समय में Mobile Phone, Social Media, Cloud Computer का भी जन्म हुआ।

Web 2.0 में हम Websites पर जाकर login कर सकते है comment कर सकते है जो वेबसाइट पर article है। हम ऑनलाइन वीडियो देख सकते हैं social media में अपनी प्रोफाइल बना सकते है। और ऑनलाइन Amazon और Flipkart जैसी वेबसाइट से घर बैठे शॉपिंग कर सकते हैं। ये सब हम Web 2.0 में करते हैं।

TODAY जो इंटरनेट हम इस्तेमाल कर रहे है वो Web 2.0 ही है, इसी Web 2.0 में जन्म हुआ सोशल मीडिया का जो Web 2.0 को एक कदम आगे ले गया, जहाँ हम एक दुसरे को सोशल मीडिया पर फॉलो कर सकते है हम घर बैठे ही दुनिया से अपडेट रहते है, हमे सोशल मीडिया की वजह से पता होता है की दुनिया भर में क्या चल रहा है।

Today हर कोई Instagram, Fb, Google, Youtube तो इस्तेमाल करता ही है पर ये हमे मुफ्त में अपने प्लेटफार्म का इस्तेमाल करने देते है जिसके बदले में ये अपने platform पर हमे कुछ Ads दिखाते है, पर ज्यादातर लोग यह नहीं सोचते की ये Ads इतनी सटीक क्यों होती है जो हम सोच रहे होते है या जिसके बारे में हम Online सर्च कर रहे होते है वही Ads ये प्लेटफार्म हमे दिखाने लगते है।

Web 3.0

Web 3.0 एक Decentralzied सिस्टम है जो Blockchain Technology पर काम करती है, जहाँ हमारा डाटा किसी एक Server पर स्टोर न होकर दुनियाभर में Nodes में बंटा होता है जो ब्लाकचैन में हमारे डाटा को स्टोर करके रखते है. जिसको हैक करना लगभग नामुमकिन है, वही Centralized Server का आसानी से हैक किया जा सकता है।

Decentralized सिस्टम का सबसे बड़ा फायदा ये है की इसका कंट्रोल किसी कंपनी के पास नहीं होता, इसमें हमारे Data पर हमारा पूरा कंट्रोल होता है, अगर Meta, Google, Amazon जैसी कंपनियों को हमारा डाटा इस्तेमाल करना है तो पहले इनको हमसे इजाजत लेनी पड़ेगी।

 

वेब 2.0 और वेब 3.0 में अंतर

वेब 2.0 एक centralize web पर काम करता है जबकि वेब 3.0 Decentralize web पर काम करता है।

वेब 2.0 में कोई भी data किसी एक ही सर्वर पर स्टोर होता है जबकि वेब 3.0 में की भी data blockchain network में दुनिया की सभी सर्वर पर थोरा थोरा करके स्टोर होगा।

Web 3.0 क्या है  What is Web 3.0 in Hindi, web 3.0 meaning in Hindi, Web 3.0 kya hai, Web 3.0 Explained in Hindi,  वेब 2.0 एक ही सर्वर पर data होने के कारण hacker को दाता चोरी करने में आसानी होता है जबकि वेब 3.0 में हैकर को data चोरी करना मुंकिन नही होगा क्योंकि कोई भी data बहुत सारे सर्वर पर थोरा थोरा स्टोर होगा इसलिए हैकर एक साथ सभी सर्वर को हैक नही कर सकता है।

 

Web 3.0 Decentralized के फायदे

Decentralized के कई सारे फायदे होंगे जैसे-

Serverless Hosting

Decentralized में डाटा पूरे सरवर पर बिखरा होता है किसी एक सरवर पर नहीं होता है और ऐसे में आपको Hosting की जरूरत ही नहीं पड़ेगा।

Security

Decentralized में हमें पूरी तरह से सिक्योरिटी मिलती है क्योंकि हमारा डाटा जब किसी एक सरोवर पर होता है तभी उसे हैकर को हैक कर पाना मुमकिन होता है लेकिन यहां पर हमारा डाटा किसी एक सरोवर पर नहीं होगी कई सारे सरवर या कंप्यूटर पर लिखा रहता है और ऐसे में हैकर दुनिया के सभी कंप्यूटर को एक साथ हैक नहीं कर पाएंगे।

अगर किसी एक सिस्टम में आपके वेबसाइट का फाइल करप्ट हो भी जाती है तो IPFS System दूसरे सिस्टम से फाइल को कंपेयर करके देख लेगा और हमें पता चल जाएगा कि वह वाला फाइल करप्ट है उसे हम यूंज ही नहीं करेंगे और इस तरह से हमारा Blog या Website हमेशा के लिए सिक्योर रहेगा।

Privacy

Web 3.0 Decentralized में हमारा डाटा किसी एक सरवर या कंप्यूटर में नहीं रहेगा बल्कि दुनिया के सभी कंप्यूटर में बिखरा हुआ रहेगा इसलिए हमारे डाटा को कोई ढूंढ नहीं पाएगा और इस तरह से हमारी प्राइवेसी सुरक्षित बनी रहेगी।

 

Web 3.0 से किसे नुकसान होगा?

जिस तरह वेब 3.0 से यूजर को अधिक पावर मिलेगा जिससे कि वह अपने डेटा को अपने मनमर्जी के मुताबिक कंट्रोल कर सकेगा उसी प्रकार कुछ बुरे लोग इस पावर का उपयोग गलत तरीकों से भी कर सकेंगे जिससे कि उनकी जानकारी को मिटा पाना काफी ज्यादा मुश्किल भरा काम होगा I

कुल मिलाकर यदि वेब 3.0 में धोखेबाज और जालसाज लोग इसमें एक्टिव हो जाएंगे तो वह 3.0 इंटरनेट के लिए खतरा पैदा हो जाएगा । Web 3.0 क्या है  What is Web 3.0 in Hindi, web 3.0 meaning in Hindi, Web 3.0 kya hai, Web 3.0 Explained in Hindi,

 

Web 3.0 कितना सिक्योर है?
Web 3.0 पहले versions से ज्यादा सिक्योर है, क्यू की इसकी पूरी पकड़ और ओनरशिप आपके पास होगी। जिसका इस्तेमाल आप कर सकते हैं।

वेब 1.0 क्या है?
Web 1.0 में पहले वाले वेबसाइट जिसमे सिर्फ और सिर्फ एक side से जिसे वेबसाइट owner भी कहते है वो पोस्ट कर देता था और जितने भी इन्टरनेट user है वो सिर्फ वेबसाइट access करके वेबसाइट पर रखे material जो की सिर्फ text ही होता था।

वेब 2.0 क्या है?
Web 2.0 की शुरुआत 1999 से शुरू हुई जब इंटरनेट काफी ज्यादा प्रसिद्ध हो गया और इसी समय में Mobile Phone, Social Media, Cloud Computer का भी जन्म हुआ।

वेब 3.0 क्या है?
Web 3.0 इंटरनेट का अगला वर्जन है, जहां सेवाएं ब्लाकचेन पर चलेंगी।वेब 3.0 डीसेंट्रलाइज्ड यानी विकेंद्रीकृत इंटरनेट है, जो एक सार्वजनिक ब्लाकचेन पर चलता है, जिसका उपयोग क्रिप्टोकरेंसी लेनदेन के लिए भी किया जाता है।

वेब 3.0 को और किस नाम से जाना जाता है?

Answer. वेब 3.0 को Decentralized या सिम एंटीक वेब के नाम से भी जाना जाता है।

वेब 3.0 क्यों महत्वपूर्ण है?

Answer. वेब 3.0 में तीसरे पक्ष की आवश्यकता समाप्त हो जाती है क्योंकि यहां पर हमारे डाटा को blockchain में लिखा जाता है। आने वाला भविष्य वेब 3.0 का ही है।

वेब 3.0 क्या बदलाव लाएगा?

Answer. वेब 3.0 में हमारा डाटा पूरी तरह से सुरक्षित रहेगा हम अपने डेटा पर अपना स्वामित्व बनाए रखेंगे।

क्या गूगल वेब 3.0 है?

Answer. बड़ी-बड़ी कंपनियां जैसे गूगल, अमेजॉन या एप्पल वेब 3.0 तकनीक का उपयोग धीरे-धीरे कर रहे हैं।

वेब 3.0 की शुरुआत कब हुई थी?

Answer. वेब 3.0 पहली बार सन 2006 दशक में सामने आया था फिर 2010 के बाद इसका विस्तार तेजी से हो रहा है।

Web 2. 0 क्या है?

Answer. अभी आप जितने भी वेबसाइट पर विजिट करते हैं जहां पर आपको कमेंट एवं लॉगिन करके प्रोफाइल बनाने का सुविधा मिलता है वो सभी Website वेब 2.0 पर ही है लेकिन आने वाला भविष्य वेब 3.0 का है।

 

 

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