Thursday, April 25, 2024
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LLB का फुल फॉर्म क्या है – Full Form of LLB in Hindi

LLB का फुल फॉर्म क्या है – Full Form of LLB in Hindi- क्या आप LLB की तैयारी कर रहे है तो क्या आप जानते है LLB की Full Forms यदि नहीं तो मेने आपको इसकी तथा llb के सभी students के लिए वह सभी topics की जानकारी दी है जो llb students के लिए बेहतर है तो आइए जानते है



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LLB का फुल फॉर्म क्या है?

LLB का पूरा नाम “बैचलर ऑफ लॉ” होता है। यह एक स्नातक स्तर का विषय है जो कि विभिन्न विधि संबंधी मुद्दों के बारे में अध्ययन करता है। यह भारत में अधिकांशतः तीन वर्ष का कोर्स होता है जिसे अधिकतर विश्वविद्यालयों द्वारा प्रदान किया जाता है।
वकील की फुल फॉर्म क्या होती है




वकील की फुल फॉर्म होती है

“अधिवक्ता”(advocate)

एलएलबी का हिंदी अर्थ क्या है?

LLB का हिंदी अर्थ “विधि बैचलर” होता है।

LLB के दूसरे Full Forms क्या हैं?

  • Legum Baccalaureus – यह एक अन्य शब्द है जो बैचलर ऑफ लॉ को दर्शाता है।
  • Bachelor of Laws – इसे भी बैचलर ऑफ लॉ के नाम से जाना जाता है।
  • विधि स्नातक – यह हिंदी में बैचलर ऑफ लॉ के लिए उपयोग किया जाने वाला शब्द है।

LLB क्या है

LLB का पूरा नाम लॉ बैचलर ऑफ लॉ (Bachelor of Laws) होता है। यह एक ग्रेजुएशन पाठ्यक्रम होता है जो कि भारत और अन्य देशों में स्थानीय न्यायालयों द्वारा मान्यता प्राप्त है। LLB को एक पेशेवर डिग्री के रूप में माना जाता है जो विभिन्न कानूनी क्षेत्रों में नौकरियों के लिए पात्रता प्रदान करती है। LLB को दो साल या तीन साल का कोर्स आधार पर पूरा किया जा सकता है।

LLB की अन्य फुल फॉर्म्स

  • Bachelor of Laws
  • Legum Baccalaureus
  • Legum Baccalaureus et Baccalaureus Artium
  • Legum Magister
  • Juris Doctor (JD)
  • Bachelor of Civil Law (BCL)
  • Bachelor of Legal Science (B.L.S)
  • Bachelor of Legislative Law (B.L.L.)


LLB करने के लिए योग्यता

  • उम्मीदवार को किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12 वीं पास होना चाहिए।
  • कुछ विश्वविद्यालयों द्वारा स्वीकृत बैचलर डिग्री के साथ उम्मीदवार LLB में प्रवेश पा सकते हैं।
  • कुछ विश्वविद्यालयों में, उम्मीदवारों को स्नातक डिग्री के साथ LLB में प्रवेश लेने की आवश्यकता होती है।
  • उम्मीदवारों को विशेष रूप से कुछ विश्वविद्यालयों के लिए आवेदन करते समय उन्हें कुछ आवश्यक बिंदुओं को पूरा करना आवश्यक हो सकता है।
  • उम्मीदवारों की अंग्रेजी भाषा का ज्ञान और कम्प्यूटर अभियोग्यता भी जरूरी होती है।

LLB करने की आयु सिमा क्या है

भारत में LLB की आयु सीमा कम से कम 17 वर्ष होती है। इसके अलावा, कुछ राज्यों में बार काउंसिल द्वारा अलग-अलग आयु सीमा निर्धारित की जाती है। उदाहरण के लिए, दिल्ली में आयु सीमा 20 वर्ष है, जबकि तमिलनाडु में यह 30 वर्ष है। इसलिए, आपको अपने राज्य या क्षेत्र के बार काउंसिल के निर्देशों का पालन करना चाहिए।

12th के बाद LLB कैसे करे

12 वीं कक्षा पास करने के बाद LLB कोर्स करने के लिए आपको निम्नलिखित चरणों का पालन करना होगा:

कॉलेज चुनें: LLB कोर्स करने के लिए आपको एक अधिकृत कॉलेज में पंजीकृत होना होगा। आप अपने राज्य या क्षेत्र में स्थित किसी भी अधिकृत कॉलेज से LLB कोर्स कर सकते हैं।

प्रवेश परीक्षा दें: कुछ अधिकृत कॉलेज LLB प्रवेश परीक्षा का आयोजन करते हैं। इन परीक्षाओं में आपके ज्ञान, समझ और व्याख्यात्मक कौशल का जांच किया जाता है।

आवेदन फार्म भरें: यदि आपके द्वारा चयनित कॉलेज एवं विश्वविद्यालय में LLB कोर्स के लिए एडमिशन होता है तो आपको उनके द्वारा निर्धारित तिथियों तक आवेदन फार्म भरना होगा।

एडमिशन फीस भरें: LLB कोर्स में दाखिले के लिए एडमिशन फीस जमा करना होता है। आपके द्वारा चयनित कॉलेज या विश्वविद्यालय आपको एडमिशन फीस के बारे में सूचित करेगा।

कोर्स शुरू करें: एडमिशन के बाद, आप LLB कोर्स शुरू कर सकते है

एलएलबी में कितने विषय होते हैं?



  • साक्ष्यात्मक विधि (Evidence Law)
  • संविधान और भारतीय संविधान (Constitution and Indian Constitution)
  • विधि प्रबंधन (Jurisprudence)
  • संगठन और आपराधिक न्याय (Organisation and Criminal Justice)
  • सामान्य न्याय (General Law)
  • संविदाएँ (Contracts)
  • वित्तीय विधि (Commercial Law)
  • मध्यस्थता (Mediation)
  • मकान और टैक्स न्याय (Property and Tax Law)
  • संपत्ति विधि (Property Law)

इसके अलावा अन्य विषयों जैसे कि मीडिया लॉ, पेटेंट लॉ और जीवाधारा लॉ जैसे विषय भी कुछ विश्वविद्यालयों में LLB में प्रदान किए जाते हैं। LLB का फुल फॉर्म क्या है – Full Form of LLB in Hindi



लॉ डिग्री कितने साल की होती है?

अधिकांश देशों में लॉ डिग्री (जैसे कि भारत) की अवधि तीन साल होती है। लेकिन कुछ देशों में लॉ डिग्री की अवधि चार या पांच साल हो सकती है। इसके अलावा, शैक्षणिक संस्थाओं के निर्धारित पाठ्यक्रम भी इस दौरान के समय के आधार पर भिन्न हो सकते हैं LLB क्या होती है?

LLB करने के फायदे

करियर के अवसर

LLB करने से आप कई विभिन्न क्षेत्रों में करियर बना सकते हैं जैसे कि सामान्य वकील, सरकारी वकील, कंपनी के विधिक अधिकारी, न्यायाधीश, लीगल एडवाइजर आदि।

स्वयं के वकील बनना

LLB करने से आप अपने लिए एक वकील बन सकते हैं जो आपको स्वतंत्र रूप से आपके न्याय समस्याओं के लिए संबंधित कानूनी कार्यवाही करने में सक्षम बना सकता है।

समझदार नागरिकता

LLB करने से आपको कानूनी तरीकों से निपटने वाली समस्याओं की जानकारी होती है जो आपको अपने अधिकारों और जिम्मेदारियों के साथ-साथ समझदार नागरिक बनाता है। LLB का फुल फॉर्म क्या है – Full Form of LLB in Hindi

विशेषज्ञता विकसित करना

LLB करने से आपको कानून और न्याय के विषय में विशेषज्ञता प्राप्त होती है जो आपको अपने व्यवसाय में या अपने व्यक्तिगत जीवन में कानूनी मुद्दों का सामना करने में सक्षम बनाती है।


LLB Entrance Exams in Hindi

  • CLAT (संयुक्त राष्ट्रीय सामान्य प्रवेश परीक्षा): यह भारत के विभिन्न राज्यों के विश्वविद्यालयों में लॉ के लिए प्रवेश के लिए आयोजित की जाती है।
  • AILET (अखिल भारतीय नैटिकल परीक्षा टेस्ट): इस परीक्षा का आयोजन नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, दिल्ली में किया जाता है।
  • LSAT इंडिया: इस परीक्षा के द्वारा लॉ स्कूल ऑफ इंडिया के कई संस्थानों में प्रवेश के लिए चयन किया जाता है।
  • MH CET लॉ: यह परीक्षा महाराष्ट्र में स्थानीय छात्रों के लिए लॉ के लिए प्रवेश के लिए आयोजित की जाती है।
  • BHU UET लॉ: बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में लॉ के लिए प्रवेश के लिए इस परीक्षा का आयोजन किया जाता है।
  • PU LLB: पंजाब यूनिवर्सिटी में लॉ के लिए प्रवेश के लिए इस परीक्षा का आयोजन किया जाता है।
  • DU LLB: दिल्ली विश्वविद्यालय में लॉ के लिए प्रवेश के लिए इस परीक्षा का आयोजन किया जाता है।

LLB के बाद जॉब कोनसी करे

LLB के बाद आप वकालत, न्यायाधीश, न्यायपालिका और कुछ सरकारी विभागों में कानूनी सलाहकार के रूप में काम कर सकते हैं। आप निजी क्षेत्र में भी नौकरी कर सकते हैं, जैसे कि निजी कंपनियों में वकील, कम्पलायंस एडवोकेट, लीगल एग्जीक्यूटिव, लीगल ऑफिसर आदि के रूप में। आप स्वयं भी एक निजी वकील के रूप में अपना व्यवसाय शुरू कर सकते हैं। इसके अलावा, यदि आप अध्ययन जारी रखना चाहते हैं तो आप जुड़ सकते हैं एलएलएम यानी मास्टर ऑफ लॉ और फिर एलएलडी यानी डॉक्टर ऑफ लॉ कोर्सेज में।


LLB की तैयारी कैसे करे

सिलेबस की अच्छी तरह से समझें

सिलेबस को ध्यान से पढ़ें और अपनी परीक्षा की तैयारी इसी के आधार पर करें। इससे आपको परीक्षा के पैटर्न, सवाल के प्रकार और अन्य अहम तत्वों की जानकारी मिलती है।

परीक्षा के पैटर्न को समझें

परीक्षा के पैटर्न को समझने के लिए पिछले सालों के पेपर्स और मॉडल पेपर्स को समझें।

नियमित रूप से अभ्यास करें

अपनी तैयारी के लिए नियमित रूप से अभ्यास करें। यह आपको सिलेबस को पूरा करने में मदद करेगा।

मॉक टेस्ट दें

मॉक टेस्ट देना आपकी तैयारी को अच्छा बनाता है। इससे आपको अपनी प्रगति का अंदाजा लगाने में मदद मिलती है।

टीम बनाएं

एक समूह में रहने से तैयारी आसान होती है। आप अपने दोस्तों के साथ एक समूह बना सकते हैं जो सभी के लिए लाभदायक होगा।

LLB की तैयारी के लिए क्या पढ़ना चाहिए

  • भारतीय संविधान
  • साक्ष्य अधिनियम
  • भारतीय दंड संहिता
  • भारतीय नागरिक प्रक्रिया संहिता
  • भारतीय विधि व्यवस्था और संगीत

इन विषयों को समझने के लिए आप अच्छी विधि पुस्तकें पढ़ सकते हैं जो विभिन्न लेखकों द्वारा लिखी गई हैं। इनके अलावा, आप न्यायपालिका की तरफ से जारी की गई अधिसूचनाओं को भी ध्यान से पढ़ सकते हैं जो नवीनतम कानूनी तथ्यों को शामिल करती हैं।

आपको इन विषयों के साथ-साथ, विवेकानुबंधी बुद्धि, समस्याओं को विश्लेषण करने की क्षमता, और लिखने और बोलने की कला विकसित करने की भी जरूरत होगी।

आप इसके अलावा ऑनलाइन और ऑफलाइन मॉक टेस्ट के माध्यम से अपनी तैयारी को मजबूत कर सकते हैं। इसके अलावा, कुछ विशेष पाठ्यक्रम भी होते हैं जो आपकी तैयारी में मदद कर सकते हैं। LLB का फुल फॉर्म क्या है – Full Form of LLB in Hindi

LLB के बाद करियर

वकील या अधिवक्ता: लॉ की शिक्षा के बाद, आप वकील या अधिवक्ता बन सकते हैं। आप किसी विशेष विषय में विशेषज्ञता प्राप्त कर सकते हैं और फिर उस विषय में अधिवक्ता के रूप में अपना करियर शुरू कर सकते हैं।


न्यायधीश: यदि आप न्यायपालिका में अपना करियर बनाना चाहते हैं तो आप न्यायधीश बन सकते हैं।

सरकारी नौकरियां: लॉ के सम्बन्ध में सरकारी संस्थानों में विभिन्न पदों पर भर्ती होती हैं। इनमें से कुछ पद शामिल हैं: न्यायाधीश, सहायक न्यायाधीश, न्यायाधीश सहायक, लेखपाल आदि।

बैंक या बीमा कंपनी: बैंक और बीमा कंपनियों में लॉ विषय से संबंधित निर्णयों के लिए विशेषज्ञों की आवश्यकता होती है।

विशेषज्ञ कानून व्यवस्था: आप एक विशेषज्ञ कानून व्यवस्था बन सकते हैं जो कानून के विषय में सलाह देता है।

वकील बनने के लिए उम्र कितनी होनी चाहिए?

वकील बनने के लिए अधिकतम उम्र कोई महत्व नहीं रखती है और यह व्यक्ति के शैक्षणिक योग्यता और अनुभव पर निर्भर करता है। इसलिए, सबसे छोटे वकील की उम्र कोई नहीं हो सकती है और यह व्यक्ति के शैक्षणिक पात्रता और वकालत करने के अनुभव पर निर्भर करता है।

भारत में वकील बनने के लिए, आपको अधिवक्ता एक्ट, 1961 के अनुसार न्यायाधीश या उच्चतर न्यायालय के बार श्रेणी में पंजीकृत होना अनिवार्य है। इसके लिए आपको बी.एल. बी की उपाधि या समकक्ष डिग्री होना जरूरी होता है।

LLB का फुल फॉर्म क्या है – Full Form of LLB in Hindi- वकील बनने के लिए, आपकी उम्र कोई महत्वपूर्ण भूमिका नहीं निभाती है, लेकिन आपको बी.एल.बी. की उपाधि प्राप्त करने के लिए 10+2 उत्तीर्ण होना आवश्यक होता है। यह मानदंड अलग-अलग विश्वविद्यालयों या कॉलेजों के अनुसार भिन्न हो सकते हैं, लेकिन आमतौर पर बी.एल.बी. कोर्स की अवधि 3 साल होती है।

LLB की फ़ीस कितनी होती है

LLB की फीस की राशि विभिन्न संस्थानों और क्षेत्रों में भिन्न होती है। सामान्यतः, एक सामान्य निजी कॉलेज में LLB की फीस लगभग 50,000 से 2 लाख रुपये प्रति वर्ष होती है। दूसरी तरफ, सरकारी कॉलेजों में फीस कम होती है जो लगभग 10,000 से 50,000 रुपये प्रति वर्ष के बीच होती है।

इसके अलावा, विभिन्न प्रकार के योग्यता परीक्षाओं और संस्थानों के लिए भी भारत भर में LLB की फीस भिन्न होती है।

भारत में नंबर 1 महिला वकील कौन है?

भारत में कई अग्रणी महिला वकील हैं जो अपने क्षेत्र में उच्च योग्यता और अनुभव के साथ प्रसिद्ध हैं। उनमें से कुछ नाम हैं जैसे:

  • इंदिरा जयसिंह – उन्होंने अपनी वकालत के दौरान कई महत्वपूर्ण मामलों में भारत की रक्षा की।
  • जस्टिस लीला सेठ – वह पहली महिला जज थी जो दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीश बनी थी।
  • जस्टिस फतिमा बीबी – वह भारत की पहली मुस्लिम महिला जज थीं जो सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीश बनी थीं।
  • अद्वैता वेंकटसुब्बैया – वह भारत की पहली महिला वकील थीं जो मैदान-ए-जंग में कार्यरत थीं और स्वतंत्रता संग्राम के दौरान कई महिलाओं की वकालत की थीं।



बैरिस्टर कौन है?

बैरिस्टर एक विशेष प्रकार का वकील होता है जो अंग्रेजी कानून की विदेशी शिक्षा और परीक्षाओं से गुजरकर अंग्रेजी वकालत के प्रशासनिक अधिकार प्राप्त करता है। यह उच्चतम स्तर का वकील होता है जो अंग्रेजी देशों में विशेषतः ब्रिटेन और वेल्स में विधि के क्षेत्र में काम करते हैं। भारत में भी बैरिस्टर वकील होते हैं जो अंग्रेजी कानून का ज्ञान रखते हैं और भारतीय कानून व्यवस्था में अपनी सेवाएं प्रदान करते हैं।

बैरिस्टर और वकील में क्या अंतर है

बैरिस्टर एक विशेष प्रकार का वकील होता है जो अंग्रेजी कानून की विदेशी शिक्षा और परीक्षाओं से गुजरकर अंग्रेजी वकालत के प्रशासनिक अधिकार प्राप्त करता है। वह अपने मामलों को सुनिश्चित करने के लिए उच्चतम स्तर की तकनीकों का उपयोग करता है और अधिकतम संभव सजा या मुकदमा प्राप्त करने की दृष्टि से अपनी सेवाएं प्रदान करता है। बैरिस्टर केवल अंग्रेजी कानून में विशेषज्ञ होते हैं और उन्हें उच्चतम स्तर के उपयोगी तकनीकों का अधिक ज्ञान होता है।

वकील उन व्यक्तियों को दर्शाते हैं जो किसी व्यक्ति या संगठन को कानूनी रूप से निर्देशित करने के लिए आवश्यक होते हैं। वे न्यायाधीशों, अधिकरणों और अन्य संस्थाओं के साथ काम करते हैं और अपनी सेवाएं विभिन्न कानूनी दलों के लिए प्रदान करते हैं।

निष्कर्ष

यह तक दोस्तों आपने सीखा की LLB का फुल फॉर्म क्या है उम्मीद है आपको मेरा बताया गया तरीका अच्छा लगा होगा यदि आप ऐसे ही और हिंदी ब्लॉग पढ़ना चाहते हैं तो आप बिलकुल सही वेबसाइट पर आये है में अपने ऑडियंस को हिंदी में और फ्री में जानकारी देती हूँ यदि आप मेरी इस वेबसाइट के साथ ऐसे बने रहते है तो आपको टेक्नोलॉजी से जुड़े या अन्य जानकारिया ऐसे हिंदी हिंदी में जानने को मिलेगी इसके लिए आपको सबसे पहले JUGADME को सब्सक्राइब करना होगा जिससे आप तक मेरे बनाये गए पोस्ट आप तक आसानी से पहुंच जाये। और अपने रिश्तेदारों को जरूर शेयर करे। मुझे आपलोगो को सहयोग की अति आवश्यकता है।
धन्यवाद

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