Saturday, February 24, 2024
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आया राम गया राम राजनीतिक कहानी- Aaya Ram Gaya Ram Story In Hindi

आया राम गया राम राजनीतिक कहानी Aaya Ram Gaya Ram Story In Hindi- देश की राजनीति में जब कोई नेता एक पार्टी छोड़कर दूसरी पार्टी में शामिल होता है तो उसके लिए ‘आया राम गया राम’ वाले जुमले का इस्तेमाल होता है।  भारतीय राजनीति में आया राम गया राम एक लोकप्रिय राजनीतिक जुमला है। यह जुमला किसी भी निर्वाचित राजनेता या राजनीतिक दल द्वारा विधायिका में बार-बार फ्लोर-क्रॉसिंग, टर्नकोटिंग, स्विचिंग पार्टियां और राजनीतिक खरीद-फरोख्त की गतिविधि को दर्शाता है।

आया राम गया राम- Aaya Ram Gaya Ram Story In Hindi

आया राम गया राम राजनीतिक कहानी- यह जुमला पहली बार वर्ष 1967 में हरियाणा के तत्कालीन मुख्यमंत्री भगवत दयाल शर्मा द्वारा इस्तेमाल किया गया था। उस समय, कांग्रेस पार्टी के विधायक गया लाल ने कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनसंघ (भाजपा) में शामिल हो गए थे। इस घटना के बाद, गया लाल के नाम पर आया राम गया राम जुमला लोकप्रिय हो गया। आया राम गया राम की घटनाएं भारतीय राजनीति में एक आम बात हो गई हैं। पिछले कुछ दशकों में, कई निर्वाचित राजनेताओं और राजनीतिक दलों ने इस तरह की गतिविधियों में लिप्त हुए हैं। इन घटनाओं के कारण भारतीय राजनीति में अस्थिरता और अविश्वसनीयता बढ़ी है।

  • भारतीय राजनीति में बहुदलीय प्रणाली का होना।
  • राजनीतिक दलों में अस्थिरता और नेतृत्व की कमी।
  • राजनीतिक खरीद-फरोख्त का होना।

आया राम गया राम की घटनाओं को रोकने के लिए, भारत सरकार ने 1985 में दसवीं अनुसूची के तहत दल-बदल विरोधी कानून बनाया। इस कानून के तहत, किसी भी निर्वाचित सदस्य को अपने राजनीतिक दल को छोड़ने के बाद 15 दिन के भीतर संसद या विधानसभा से त्यागपत्र देना होता है। यदि वह ऐसा नहीं करता है, तो उसे अयोग्य घोषित कर दिया जाता है।  दल-बदल विरोधी कानून के बावजूद, आया राम गया राम की घटनाएं पूरी तरह से बंद नहीं हुई हैं। इसका कारण यह है कि इस कानून में कई खामियां हैं। उदाहरण के लिए, इस कानून में यह स्पष्ट नहीं है कि राजनीतिक दल को छोड़ने के लिए “वैध कारण” क्या है। इसके अलावा, इस कानून को लागू करने में भी कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। आया राम गया राम की घटनाएं भारतीय राजनीति में एक गंभीर समस्या हैं। इन घटनाओं को रोकने के लिए, भारत सरकार को दल-बदल विरोधी कानून में सुधार करने और इस कानून को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए कदम उठाने की आवश्यकता है।

आया राम गया राम का मुहावरा किस राज्य से शुरू हुआ

आया राम गया राम का मुहावरा हरियाणा राज्य से शुरू हुआ। यह मुहावरा पहली बार वर्ष 1967 में हरियाणा के तत्कालीन मुख्यमंत्री भगवत दयाल शर्मा द्वारा इस्तेमाल किया गया था। उस समय, कांग्रेस पार्टी के विधायक गया लाल ने कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनसंघ (भाजपा) में शामिल हो गए थे। इस घटना के बाद, गया लाल के नाम पर आया राम गया राम जुमला लोकप्रिय हो गया

राजनीति में आया राम गया राम से क्या तात्पर्य है

राजनीति में आया राम गया राम का तात्पर्य है किसी भी निर्वाचित राजनेता या राजनीतिक दल द्वारा विधायिका में बार-बार फ्लोर-क्रॉसिंग, टर्नकोटिंग, स्विचिंग पार्टियां और राजनीतिक खरीद-फरोख्त की गतिविधि। इस शब्द का प्रयोग पहली बार वर्ष 1967 में हरियाणा के तत्कालीन मुख्यमंत्री भगवत दयाल शर्मा द्वारा किया गया था। उस समय, कांग्रेस पार्टी के विधायक गया लाल ने कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनसंघ (भाजपा) में शामिल हो गए थे। इस घटना के बाद, भगवत दयाल शर्मा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि “गया लाल अब आया राम हैं।” इस कथन के बाद, आया राम गया राम शब्द लोकप्रिय हो गया।

 

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