Saturday, March 2, 2024
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AEC Hindi Aupcharik Lekhan: डीयू औपचारिक लेखन नोट्स हिंदी

 डीयू औपचारिक लेखन नोट्स हिंदी- दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) में औपचारिक लेखन (Hindi Aupcharik Lekhan) एक पाठ्यक्रम है जो हिंदी में औपचारिक लेखन की बारीकियों को सिखाता है। यह पाठ्यक्रम मुख्य रूप से उन छात्रों के लिए है जो सरकारी कार्यालयों या व्यावसायिक क्षेत्रों में काम करना चाहते हैं।  AEC Hindi Aupcharik Lekhan

Unique Paper Code 2051001002
Name of the Paper Hindi: Aupcharik Lekhan (B) (AEC)
Name of the Course B.A. (Hons.)/B.A. (Prog.)
Semester 1
Duration 2 Hours

Quick Links

औपचारिक लेखन पाठ्यक्रम विषय 

  • कार्यालयी हिंदी
  • व्यावसायिक हिंदी
  • टिप्पण लेखन
  • प्रारूपण
  • प्रतिवेदन लेखन
  • सूचना का अधिकार अधिनियम
  • व्यवसायिक पत्र लेखन
  • प्रेस विज्ञप्ति

AEC Hindi Aupcharik Lekhan: डीयू औपचारिक लेखन नोट्स हिंदी

इकाई 1: लेखन दक्षता का विकास

पाठ 1: कार्यालयी हिंदी

कार्यालयी हिंदी वह हिंदी है जो कार्यालयों में संचार के लिए प्रयोग की जाती है। यह एक औपचारिक भाषा है, जिसका प्रयोग पत्राचार, रिपोर्ट, प्रेस विज्ञप्ति आदि लिखने के लिए किया जाता है। AEC Hindi Aupcharik Lekhan

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पाठ 2: व्यावसायिक हिंदी

व्यावसायिक हिंदी वह हिंदी है जो व्यवसायों में संचार के लिए प्रयोग की जाती है। यह भी एक औपचारिक भाषा है, जिसका प्रयोग विज्ञापन, परिचय पत्र, अनुबंध आदि लिखने के लिए किया जाता है। AEC Hindi Aupcharik Lekhan

  1. यह एक प्रभावी और आकर्षक भाषा है।
  2. इसमें भाषा का प्रयोग सटीक और स्पष्ट होता है।
  3. इसमें विराम चिह्नों का प्रयोग प्रभावी ढंग से किया जाता है।
  4. इसमें शब्दों का चयन सावधानीपूर्वक किया जाता है।

पाठ 3: टिप्पण का सामान्य परिचय, प्रारूपण 

टिप्पण एक लिखित सूचना है जो किसी कार्य, घटना या विचार के बारे में दी जाती है। टिप्पण हमेशा संक्षिप्त और स्पष्ट होना चाहिए। टिप्पण में हमेशा आवश्यक जानकारी शामिल होनी चाहिए। टिप्पण में हमेशा भाषा का प्रयोग सादा और सरल होना चाहिए।

पाठ 5: प्रतिवेदन और विज्ञप्ति का महत्त्व

प्रतिवेदन वह लिखित दस्तावेज है जो किसी विशेष कार्य, घटना या विचार के बारे में जानकारी प्रदान करता है।

DU औपचारिक लेखन पाठ्यक्रम कैसे छात्रों का उनके करियर

एक छात्र जो सरकारी कार्यालय में काम करना चाहता है, उसे कार्यालयी हिंदी और व्यावसायिक हिंदी के बारे में ज्ञान होना चाहिए। इस पाठ्यक्रम में इन विषयों को कवर किया जाता है। एक छात्र जो किसी व्यवसाय में काम करना चाहता है, उसे व्यवसायिक पत्र लेखन और प्रेस विज्ञप्ति तैयार करने में सक्षम होना चाहिए। इस पाठ्यक्रम में इन विषयों को भी कवर किया जाता है। AEC Hindi Aupcharik Lekhan

एक छात्र जो सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत सूचना प्राप्त करना चाहता है, उसे इस अधिनियम के बारे में ज्ञान होना चाहिए। इस पाठ्यक्रम में इस अधिनियम के बारे में जानकारी प्रदान की जाती है। DU औपचारिक लेखन पाठ्यक्रम एक मूल्यवान पाठ्यक्रम है जो छात्रों को हिंदी में औपचारिक लेखन के लिए आवश्यक कौशल प्रदान करता है। यह पाठ्यक्रम छात्रों को अपने करियर में सफल होने के लिए आवश्यक योग्यता प्रदान करता है। AEC Hindi Aupcharik Lekhan

DU AEC Previous Year Paper: हिन्दी: औपचारिक लेखन

Q:- 1 व्यावसायिक हिंदी से आप क्या समझते हैं? उदाहरण देकर समझाइए।

व्यावसायिक हिंदी का मतलब होता है हिंदी भाषा का व्यावसायिक उपयोग। इसका अर्थ है कि हिंदी भाषा को व्यावसायिक संदर्भ में सही और प्रभावी रूप से प्रयोग किया जाए। व्यावसायिक हिंदी का प्रयोग विभिन्न क्षेत्रों में किया जाता है, जैसे कि व्यापार, नौकरी, बैंकिंग, साहित्यिक कार्य, विज्ञान, तकनीक, और इत्यादि। यह एक समृद्धि और सुधार का माध्यम भी हो सकता है, जिससे लोगों को आर्थिक और सामाजिक दृष्टि से फायदा हो।

व्यावसायिक हिंदी का उपयोग विभिन्न प्रकार से किया जा सकता है। उदाहरण के रूप में, व्यापारिक संदेशों को स्पष्टता से साझा करने के लिए हिंदी भाषा का उपयोग किया जा सकता है। व्यापार क्षेत्र में, अगर किसी कंपनी ने नए उत्पादों की घोषणा करनी है, तो वह उच्च गुणवत्ता वाले व्यावसायिक हिंदी का प्रयोग करके अपने उत्पादों को उपभोक्ताओं के सामान्य बोलचाल में सुनिश्चित कर सकती है।

व्यावसायिक हिंदी का प्रयोग नौकरी के क्षेत्र में भी किया जा सकता है। यदि कोई व्यक्ति अपने पेशेवर संबंधों में हिंदी का प्रयोग करता है, तो उसे अपनी क्षमताओं और नौकरी से जुड़े संदेशों को सही से साझा करने में मदद मिल सकती है।

एक और उदाहरण के रूप में, व्यावसायिक हिंदी का प्रयोग बैंकिंग क्षेत्र में किया जा सकता है। बैंकों में ग्राहकों के साथ संवाद के लिए हिंदी भाषा का उपयोग करने से उन्हें अधिक सुरक्षित और संरचित महसूस हो सकता है। समझदार और सही समझाने वाले संदेश वित्तीय सूचना को स्पष्ट रूप से पहुंचाने में मदद कर सकते हैं और इससे ग्राहकों का विश्वास भी बढ़ सकता है।

व्यावसायिक हिंदी का प्रयोग साहित्यिक कार्यों में भी होता है। कई कंपनियों और संगठनों ने अपनी विचारशीलता, उद्देश्य, और नीतियों को समझाने के लिए हिंदी में रचित लेखों और पुस्तकों का प्रचार-प्रसार किया है। यह उनके स्टेकहोल्डर्स और सामाजिक समृद्धि की दिशा में साझेदारी को बढ़ावा देता है।

व्यावसायिक हिंदी का प्रयोग विज्ञान और तकनीक क्षेत्र में भी किया जा सकता है। अगर कोई विज्ञानिक या तकनीकी विशेषज्ञ अपने अनुसंधान या विकास के परिणामों को समझाने के लिए हिंदी का उपयोग करता है, तो वह अपने क्षेत्र में अधिक समझदारी और सहयोग का अनुभव कर सकता है।

व्यावसायिक हिंदी का उपयोग सामाजिक और सांस्कृतिक संदर्भ में भी किया जा सकता है। अगर कोई सांस्कृतिक कार्यक्रम या सामाजिक अभियान को सफलता से प्रबंधित करना चाहता है, तो उसे लोगों के साथ सही संवाद करने के लिए हिंदी का सही तरीके से उपयोग करना होगा।

इस प्रकार, व्यावसायिक हिंदी का प्रयोग विभिन्न क्षेत्रों में हो सकता है और इसमें कई तत्व शामिल हो सकते हैं जैसे कि भाषा का सुधार, सही संवाद, स्पष्टता, और समझदारी।

Q:- 2 अपने मोहल्ले में वर्षा के कारण उत्पन्न हुईं जलभराव की समस्या की ओर ध्यान आकृष्ट करने के लिए नगर पालिका के स्वास्थ्य अधिकारी को पत्र लिखिए।

[आपका पता] [दिनांक]

[नगर पालिका का पता] [नगर पालिका का नाम]

प्रिय स्वास्थ्य अधिकारी,

सादर नमस्ते। मैं [आपका नाम] नामक निवासी, [आपका पता], मोहल्ले [मोहल्ला का नाम] का एक नागरिक हूँ। मैं इस पत्र के माध्यम से आपको हमारे मोहल्ले में बढ़ते जलभराव की समस्या के बारे में सूचित करना चाहता हूँ।

आजकल हमारे क्षेत्र में बारिश का अधिकतम मौसम चल रहा है और इसके कारण हमारे मोहल्ले में जलभराव हो रहा है। यह समस्या हमारे लिए गंभीर हो रही है क्योंकि यह स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकती हैं और साफ पानी की उपलब्धता पर भी असर डाल सकती है।

मैं नगर पालिका से अनुरोध करता हूँ कि आप इस समस्या का तत्पर ध्यान लें और शीघ्र समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाएं। कृपया हमारे मोहल्ले में नाले और गड्ढे की स्थिति की जाँच करें और उचित कार्रवाई करें ताकि जलभराव को नियंत्रित किया जा सके।

आपकी सहायता के लिए हम सभी नागरिक हैं और आपसे आशा है कि आप हमारी समस्या को गंभीरता से लेकर उचित समाधान देंगे।

आपकी शीघ्र से शीघ्र प्रतिक्रिया की आशा करता हूँ।

धन्यवाद,

[आपका नाम] [मोहल्ले का नाम] [संपर्क नंबर] [ईमेल पता]

Q:- 3 सूरज कुंड मेला इस बार ‘उत्तरांचल राज्य’ पर आधारित है- इस पर एक प्रेस विज्ञप्ति तैयार कीजिए !

दिनांक: [दिन, महीना, वर्ष]

उत्तरांचल स्वराज्य में आयोजित होने वाले ‘सूरज कुंड मेला’ का आनंद उत्साहपूर्वक मनाने के लिए आप सभी को नमस्कार!

यह एक अद्वितीय क्षेत्रिय और सांस्कृतिक आयोजन है जो उत्तरांचल के सुंदर पर्वतीय क्षेत्रों में स्थित सूरज कुंड में मनाया जाता है। इस साल का मेला [दिन, महीना, वर्ष] को आयोजित किया जाएगा और यह एक दिनांक स्थान है जहां परंपरागत भारतीय सांस्कृतिकी, धार्मिक और राजनीतिक गतिविधियों को एक साथ जोड़ा जाएगा।

मेले में भारतीय राजनीतिक दरबार, स्थानीय शिल्प और कला की विभिन्न प्रदर्शनियां, परंपरागत संगीत और नृत्य कार्यक्रम, और अन्य कई रोमांचक गतिविधियां शामिल होंगी। सूरज कुंड की प्राकृतिक सौंदर्य से भरी वातावरण में यह मेला आत्मा को पुनर्जीवित करने का अद्वितीय अवसर प्रदान करता है।

सूरज कुंड मेला उत्तरांचल के स्थानीय विकास और पर्यावरण संरक्षण की पहल का हिस्सा भी है, जो इस क्षेत्र के सांस्कृतिक धरोहर की रक्षा करता है। यह एक ऐसा प्लेटफ़ॉर्म है जहां स्थानीय व्यापारियों, शिल्पकलाकारों, और स्थानीय बाजारों को प्रोत्साहित किया जाता है।

हम सभी आपको इस आनंदमय और उत्कृष्ट आयोजन में भाग लेने के लिए आमंत्रित करते हैं और उम्मीद है कि आप सभी इस सम्मेलन में भाग लेकर इस सांस्कृतिक पर्व को और भी रंगीन बनाएंगे।

संपर्क: [आपका संपर्क जानकारी]

आपका स्वागत है!

धन्यवाद,

[आयोजक का नाम/संगठन का नाम]

Q:- 4 सूचना का अधिकार अधिनियम’ किसे कहते हैं? इसके प्रमुख बिंदुओं पर प्रकाश डालिए ।

सूचना का अधिकार अधिनियम को ‘Right to Information Act’ (RTI Act) कहा जाता है, और यह भारत सरकार द्वारा संसद में पारित किया गया है। यह अधिनियम 2005 में प्रभावी हुआ था और इसका मुख्य उद्देश्य सरकारी विभागों और संगठनों के कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देना है।

  1. सूचना का अधिकार: यह अधिनियम नागरिकों को सरकारी दस्तावेज़, रिकॉर्ड्स, और जानकारी की मांग करने का अधिकार प्रदान करता है।
  2. सूचना का प्रदान: सरकार को अपने कामकाज के संबंध में जानकारी प्रदान करने का दायित्व होता है, जब भी नागरिक सूचना का आवेदन करते हैं।
  3. सूचना का समयबद्ध प्रदान: अधिनियम द्वारा स्थापित किए गए मापदंडों के अनुसार, सरकार को सूचना प्रदान करने के लिए निर्धारित समय सीमा का पालन करना होता है।
  4. आपत्कालीन सूचना: ऐसी सूचना जो आपत्कालीन स्थिति में हो, उसे त्वरित रूप से प्रदान किया जाता है।
  5. कुछ अपवादों का समाधान: अधिनियम द्वारा सूचना प्रदान करने से संबंधित कुछ अपवादों का समाधान भी किया जा सकता है।
  6. परिभाषाएं: अधिनियम में सूचना, सरकारी विभाग, और अन्य संबंधित परिभाषाएं भी दी गई हैं।

सूचना का अधिकार अधिनियम ने नागरिकों को सरकारी क्रियावली में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग करने का माध्यम प्रदान किया है, जिससे समाज में जनता और सरकार के बीच भरोसा और सहयोग बढ़ सकता है।

Q:- 5 प्रतिवेदन किसे कहते है? इसे लिखते समय किन-किन बातों का ध्यान देना चाहिए।

1. किसी भी प्रतिवेदन को तथ्यों पर आधारित होना चाहिए।
2. उसकी सरल-सीधी भाषा पूर्ण रूप से होनी चाहिए जिसमें मुहावरे-लोकोक्तियों का प्रयोग नही होना चाहिए। भाषा को अलंकारों और लक्षण शब्ध शक्ति से रहित होना चाहिए।
4. प्रतिवेदन में प्रथम पुरुष (मै या हम) का प्रयोग नही किया जाना चाहिए।
5. सभी तथ्य सत्य पर आधारित और विश्वसनीय होने चाहिए। उनमें कल्पना का पुट नहीं होना चाहिए।
6. रिपोट में केवल महत्वपूर्ण तथ्यों को ही स्थान दिया जाना चाहिए। प्रतिवेदन संक्षिप्त होना चाहिए।
7. सभी तथ्य क्रमानुसार होना चाहिए ताकि उनसे पूरी जानकारी व्यवस्थित सूचनाएँ ही प्राप्त हों।
8. प्रतिवेदन का उचित शीर्षक देना चाहिए जिससे प्रतिवेदन की विषय संबंधी जानकारी प्राप्त हो सके।
9. प्रतिवेदन को विषय एवं तथ्यों के आधार पर अनुच्छेदों में बँटा होना चाहिए।

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