Wednesday, May 29, 2024
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PAN और PRAN कार्ड में क्या अंतर है कैसे और कहाँ इस्तेमाल होता है पूरी जानकारी

PAN और PRAN कार्ड में क्या अंतर है कैसे और कहाँ इस्तेमाल होता है पूरी जानकारी हेलो दोस्तों मेरा नाम मोहित है आज में आपको PAN और PRAN कार्ड में क्या है उसके बारे में बताने जा रहा हूँ देश के सभी करदाताओं के लिए पैन कार्ड अनिवार्य है। पैन कार्ड में 10 अंकों का एक यूनिक नंबर होता है और PRAN कार्ड में 12 अंकों का एक यूनिक नंबर होता है। सामान्य तौर पर आपको दोनों एक जैसे लग सकते हैं लेकिन दोनों कार्ड का उद्देश्य पूरी तरह से अलग है। पैन कार्ड को आयकर विभाग जारी करता है। पढ़िए क्या है पूरी खबर।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली: देश में सभी टैक्सपेयर के लिए पैन कार्ड (PAN Card) अनिवार्य है। जिस तरह पैन कार्ड में 10 डिजिट का एक यूनिक नंबर होता है वैसे ही परमानेंट रिटायरमेंट अकाउंट नंबर कार्ड (PRAN Card) में 12 डिजिट का एक यूनिक नंबर होता है। PAN और PRAN एक जैसे लग सकते हैं लेकिन इनके उद्देश्य पूरी तरह से अलग है।

पैन कार्ड आयकर विभाग द्वारा जारी किया जाता है यह टैक्स संबंधी सभी उद्देश्यों के लिए जरूरी है वहीं नेशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस) में इन्वेस्ट करने वालों के लिए PRAN बहुत जरूरी है।

PAN (Permanent Account Number)

  • उपयोग: PAN कार्ड भारत में वित्तीय संदर्भों में पहचान प्रदान करने के लिए होता है। यह किसी व्यक्ति या व्यापारिक संगठन की वित्तीय गतिविधियों को ट्रैक करने में मदद करता है और टैक्स भरने के लिए आवश्यक होता है।
  • कौन कर सकता है: PAN कार्ड किसी भी भारतीय नागरिक, निजी व्यक्ति, व्यापारिक संगठन, और हिन्दी नीति क्षेत्र के बहुत अधिक लोगों द्वारा प्राप्त किया जा सकता है।
  • कैसे प्राप्त करें: PAN कार्ड के लिए आवेदन करने के लिए व्यक्ति को आयकर विभाग के पास आवेदन करना होता है। आवेदन ऑनलाइन या ऑफलाइन तरीके से किया जा सकता है।

PRAN (Pension Fund Regulatory and Development Authority Registration Number)

उपयोग: PRAN कार्ड भारत सरकार की पेंशन स्थिति के लिए होता है, जिसे नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के तहत व्यवस्थित किया जाता है। PRAN कार्ड के माध्यम से लोग अपनी पेंशन योजना के लिए निवेश करते हैं।

  • कौन कर सकता है: PRAN कार्ड का उपयोग भारत सरकार के कर्मचारियों, स्वतंत्र पेंशनर्स, और अन्य व्यक्तियों द्वारा किया जा सकता है जो NPS में निवेश करना चाहते हैं।
  • कैसे प्राप्त करें: PRAN कार्ड प्राप्त करने के लिए व्यक्ति को NPS के खाता खोलने के बाद अपने निकटतम NPS कर्यालय या बैंक में आवेदन करना होता है।
  • सारंश रूप से, PAN और PRAN कार्ड दोनों वित्तीय संदर्भों में उपयोग होते हैं, लेकिन उनका उपयोग और प्राप्ति के तरीके अलग-अलग हैं, और वे अलग-अलग सरकारी योजनाओं के तहत कार्य करते हैं।

क्या है पैन कार्ड?

PAN और PRAN कार्ड पैन कार्ड इनकम टैक्स विभाग जारी करता है यह एक तरीके का 10 डिजिट का अल्फान्यूमेरिक संख्या होता है। सभी करदाताओं के लिए पैन कार्ड जरूरी होता है क्योंकि यह कार्ड टैक्स संबंधी लेनदेन और सूचनाओं को रिकॉर्ड करने का प्रबंधन करता है। इसके अलावा पैन कार्ड आईटीआर दाखिल करने के लिए भी अनिवार्य है।

PRAN कार्ड क्या है?

PAN और PRAN कार्ड –PRAN एक यूनिक 12 डिजिट संख्या है जो नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (NSDL) द्वारा जारी की जाती है। यह राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के तहत सभी ग्राहकों के लिए अनिवार्य है। PRAN एनपीएस निवेश से संबंधित सभी लेनदेन को ट्रैक करने और पेंशन लाभ का दावा करने में मदद करता है।

क्या है PAN और PRAN के बीच अंतर?

एक व्यक्ति के पास PRAN के तहत दो प्रकार के एनपीएस खाते हो सकते हैं जिनमें टियर- I और टियर- II शामिल हैं।

PRAN, जो सभी मौजूदा और नए एनपीएस ग्राहकों के लिए एक पहचान के रूप में कार्य करता है, उन्हें अपने पेंशन फंड का ट्रैक रखने में भी मदद करता है।

PRAN एक तरह की यूनिक आईडी है जो एनपीएस निवेशकों को उपलब्ध कराई जाती है।

PRAN के लिए आवेदन एनएसडीएल पोर्टल पर करना होता है। जिसके लिए आपको फोटो और केवाईसी दस्तावेजों की जरूरत होती है।

PRAN रिकॉर्ड सेंट्रल रिकॉर्डकीपिंग एजेंसी (CRA) द्वारा बनाए रखा जाता है।

एक ग्राहक के पास केवल एक PRAN खाता हो सकता है।

PAN Card

पैन कार्ड का इस्तेमाल सभी आयकर संबंधित लेनदेन के साथ-साथ इन्वेस्टमेंट के लिए भी किया जाता है। इसका प्रयोग लोन से संबंधित वित्तीय लेनदेन करने वाले व्यक्ति और व्यावसायिक संस्थानों द्वारा किया जाता है।

  • यह एक वैध केवाईसी दस्तावेज के रूप में काम करता है।
  • पैन के लिए आवेदन एनएसडीएल पोर्टल या ई-फाइलिंग पोर्टल पर किया जा सकता है।
  • आवेदन करने के लिए टैक्सपेयर को एक आईडी प्रूफ, एड्रेस प्रूफ, एक फोटो और जन्म तिथि प्रमाण की जरूरत होती है।
  • पैन रिकॉर्ड आयकर विभाग द्वारा बनाया जाता है।
  • मौजूदा टैक्स कानूनों के मुताबिक, एक से ज्यादा पैन रखने की अनुमति नहीं है।
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