Saturday, June 22, 2024
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प्लॉटर प्रिंटर क्या है और इसके प्रकार

प्लॉटर की परिभाषा

प्लॉटर प्रिंटर क्या है और इसके प्रकार-प्लॉटर एक उपकरण होता है जो विभिन्न प्रकार के चार्ट, डिजाइन और ग्राफिक्स को बड़े स्केल पर प्रिंट करने के लिए उपयोग किया जाता है। इसका उपयोग आमतौर पर आर्किटेक्ट, इंजीनियर, ग्राफिक डिजाइनर और साइंटिस्ट के लिए किया जाता है। प्लॉटर बहुत बड़े आकार के कागज़ पर प्रिंट कर सकता है जिससे कंप्यूटर द्वारा बनाए गए विभिन्न चार्ट और डिजाइन को संभव होता है। यह उपकरण बहुत अधिक डिटेल के साथ चार्ट और डिजाइन को प्रिंट करने की क्षमता रखता है जो व्यवस्थापकों को निर्धारित समय सीमा के भीतर बेहतर फैसले लेने में मदद करता है।

प्लॉटर प्रिंटर क्या है

प्लॉटर प्रिंटर एक प्रकार का विशेष प्रिंटर होता है जो बड़े आकार के डिजाइन, ब्लूप्रिंट और टेक्स्टाइल डिजाइन जैसे बड़े साइज के छापों को प्रिंट करने में उपयोग किया जाता है। यह एक विशेष इलेक्ट्रॉनिक संचार युक्त प्रिंटर होता है जो कंप्यूटर से जुड़ा होता है और बड़े साइज के कागज़ पर डिजाइन और छाप निकालता है। इस तरह के प्रिंटर का उपयोग अधिकतर विज्ञान और अभियांत्रिकी क्षेत्र में होता है जहां बड़े साइज के छापों को उत्पादन करने की जरूरत होती है।



प्लॉटर का अविष्कार किसने किया?

प्लॉटर का अविष्कार लगभग 60 साल पहले, 1953 में लोगों द्वारा इस्तेमाल किये जाने वाले कंप्यूटर ग्राफिक्स को प्रिंट करने के लिए एक उपकरण की तलाश में हुआ था। जॉन एच। एफ. व्हिटनी नामक एक आंग्ल इंजीनियर ने अपने कंपनी रेंगोल्ड्स इंटरनेशनल के लिए प्लॉटर का अविष्कार किया था। प्लॉटर उपकरण कंप्यूटर ग्राफिक्स को उत्पादन करने के लिए एक सुविधाजनक और विशेष प्रिंटर उपकरण था। यह उन्हें इस तरह की बड़े साइज के छापों को प्रिंट करने में मदद करने में सक्षम बनाता था।

प्लॉटर कैसे काम करता है?

प्लॉटर प्रिंटर क्या है और इसके प्रकार-प्लॉटर एक विशेष प्रकार का प्रिंटर होता है जो कंप्यूटर ग्राफिक्स को प्रिंट करता है। इस प्रिंटर में कुछ निम्नलिखित चरण होते हैं:

स्केच या डिजाइन का बनाव या तैयार करना।
डिजाइन फाइल को कंप्यूटर पर लोड करना।
प्रिंट करने के लिए डिजाइन को सॉफ्टवेयर में सेट करना।
प्रिंटर के विभिन्न पार्ट्स जैसे कागज़ रोल, कार्ट्रिज आदि की तैयारी करना।
प्रिंट करने के लिए डिजाइन को प्रिंटर के सॉफ्टवेयर में भेजना।
प्रिंटर के मध्यम से कागज़ रोल गतिशील होता है जो प्रिंट होता है और बड़े साइज के कागज़ पर डिजाइन बनाता है।
जब प्रिंटिंग पूरी होती है, तो कागज़ रोल स्वचालित रूप से कट जाता है और नया प्रिंट तैयार होता है।
इस तरह से प्लॉटर कागज़ के बड़े साइज के डिजाइन और चार्ट को प्रिंट करता है।

प्लॉटर के प्रकार

प्लॉटर कई प्रकार के होते हैं। निम्नलिखित हैं कुछ मुख्य प्रकार:

  • थर्मल प्लॉटर – इस प्रकार का प्लॉटर तापमान के उपयोग से चार्ट प्रिंट करता है। यह प्रक्रिया बहुत तेज होती है और बहुत कम शोर उत्पन्न करती है। इस प्रकार के प्लॉटर को आमतौर पर फैक्स मशीनों या स्कैनरों के साथ उपयोग किया जाता है।
  • इंकजेट प्लॉटर – इस प्रकार का प्लॉटर चार्ट प्रिंट करने के लिए रंगीन इंक का उपयोग करता है। इस प्रकार के प्लॉटर में एक स्प्रेड ऑवर तकनीक होती है जो चार्ट को बेहतर फिनिशिंग देती है।
  • लेजर प्लॉटर – यह प्रकार का प्लॉटर चार्ट को उच्च गुणवत्ता वाले ब्लैक एंड व्हाइट प्रिंट में प्रिंट करता है। यह उपकरण आमतौर पर बड़े आकार के चार्ट और डिजाइन को प्रिंट करने के लिए उपयोग किया जाता है।
  • डॉट मैट्रिक्स प्लॉटर – यह प्रकार का प्लॉटर बहुत ऊंचे गुणवत्ता वाले चार्ट प्रिंट करता है।

Plotter की Printing Size कितनी होती है?

प्लॉटर की प्रिंटिंग साइज विभिन्न प्रकार के प्लॉटर के आधार पर भिन्न होती है। यह आमतौर पर प्लॉटर के आकार और मॉडल पर निर्भर करता है। कुछ प्लॉटर 11×17 इंच तक के कागज तक समर्थ होते हैं, जबकि कुछ बड़े प्लॉटर 36×48 इंच तक के कागज को प्रिंट कर सकते हैं। अन्य प्लॉटर विशाल आकार तक समर्थ होते हैं जैसे कि 60 इंच या इससे भी अधिक।

Printer और Plotter में क्या अंतर है?

प्रिंटर और प्लॉटर दोनों ही उपकरण होते हैं जो आपको प्रिंट आउटपुट प्रदान करते हैं, लेकिन इन दोनों में कुछ मुख्य अंतर होते हैं।

  • उपयोग: प्रिंटर आमतौर पर छोटे वस्तुओं जैसे कि कागज, कार्ड, लेबल, स्लाइड इत्यादि को प्रिंट करते हैं, जबकि प्लॉटर बड़े साइज के आकार के कागज और शीट को प्रिंट करते हैं। ये आमतौर पर आर्किटेक्ट्स, इंजीनियर्स, डिजाइनर और अन्य लोगों द्वारा बड़े आकार की नकल बनाने के लिए उपयोग किए जाते हैं।
  • तकनीकी विवरण: प्रिंटर अधिकतर डॉट मैट्रिक्स, इंजेक्शन, लेजर, थर्मल और डोट मैट्रिक्स आधारित होते हैं जबकि प्लॉटर आमतौर पर पेन, इलेक्ट्रॉनिक, और इंजेक्शन आधारित होते हैं।
  • कीमत: प्रिंटर की कीमत आमतौर पर प्लॉटर से कम होती है। यही कारण है कि प्रिंटर घरेलू उपयोग के लिए ज्यादा लोकप्रिय होते हैं जबकि प्लॉटर विशेषज्ञों द्वारा उपयोग किए जाते हैं।




प्लॉटर का उपयोग

प्लॉटर बड़े साइज के नकल बनाने के लिए उपयोग किए जाते हैं। इनका उपयोग निम्नलिखित क्षेत्रों में किया जाता है:

  • आर्किटेक्चर और इंजीनियरिंग: प्लॉटर का उपयोग आर्किटेक्टर और इंजीनियरिंग क्षेत्रों में बड़े आकार की नकल बनाने के लिए किया जाता है। इससे उन्हें अपने प्रोजेक्ट की नकलें बनाने में मदद मिलती हैं।
  • विज्ञापन उद्योग: विज्ञापन उद्योग में भी प्लॉटर का उपयोग किया जाता है। इससे वे बड़े साइज के बैनर, होर्डिंग और पोस्टर आदि बना सकते हैं।
  • टेक्सटाइल उद्योग: प्लॉटर का उपयोग टेक्सटाइल उद्योग में भी किया जाता है। इससे वे बड़े साइज के टेक्सटाइल आइटम जैसे कि बैनर, झंडे, साइनेज आदि बना सकते हैं।
  • कला और डिजाइन: कलाकारों और डिजाइनरों के लिए भी प्लॉटर एक उपयोगी उपकरण होता है। इससे वे बड़े साइज के नकलें, कागज फिल्म, और अन्य कला और डिजाइन से संबंधित है।

Plotters के Advantages क्या हैं?

प्लॉटर के निम्नलिखित लाभ हैं:

  • बेहतर गुणवत्ता: प्लॉटर के द्वारा नकल बनाने से प्रिंट की गुणवत्ता में सुधार होता है। यह बेहतर रेजोल्यूशन और अधिक रंगों की तुलना में अधिक संभव होता है।
  • बड़े साइज के नकल बनाने की क्षमता: प्लॉटर बड़े साइज की नकल बनाने की क्षमता रखते हैं जो कि प्रिंटर से संभव नहीं होता है।
  • लंबे समय तक चलने वाले प्रिंट की आवश्यकता नहीं होती है: प्लॉटर की टेक्नोलॉजी अन्य प्रिंटरों की तुलना में बहुत बड़े साइज की नकलें बनाने के लिए बनाई गई हैं। यह लंबे समय तक चलते हुए नकलों की आवश्यकता कम करती है।
  • बेहतर कंट्रोल: प्लॉटर में संकलन, नापने, और नकल बनाने के लिए बेहतर कंट्रोल के साथ आता है जो प्रिंटर में उपलब्ध नहीं होता है।
  • विभिन्न माध्यमों पर प्रिंट करने की क्षमता: प्लॉटर विभिन्न माध्यमों पर प्रिंट करने की क्षमता रखता हैं।

Plotters के Disadvantages क्या हैं?

प्लॉटर के निम्नलिखित हानियां होती हैं:

  • महंगा: प्लॉटर एक महंगा मशीन होता है। इसका कॉस्ट इन्कजेट प्रिंटर और लेजर प्रिंटर की तुलना में बहुत अधिक होता है।
  • संचालन और रखरखाव मुश्किल हो सकता है: प्लॉटर संचालन और रखरखाव के लिए थोड़ा मुश्किल हो सकता है। इसे संभालने और इसे चलाने के लिए अतिरिक्त विशेषज्ञ की जरूरत हो सकती है।
  • समय का खपत: प्लॉटर नकल बनाने के लिए ज्यादा समय लेता है जो कि प्रिंटर से बहुत अधिक होता है।
  • सीमित रंग चयन: प्लॉटर के कुछ मॉडल अलग-अलग रंग विकल्प प्रदान करते हैं, लेकिन यह रंग विकल्प प्रिंटर से कम होते हैं।
  • एकल काम के लिए अधिक अवधि: प्लॉटर के लिए नकल बनाने का समय प्रिंटर की तुलना में ज्यादा होता है। इसलिए, एकल काम के लिए प्लॉटर का उपयोग उचित नहीं होता है जबकि बड़े पैमाने पर नकल बनाने के लिए यह एक अच्छा विकल्प हो सकता है।

Modern Plotter Technology क्या है?

आधुनिक प्लॉटर तकनीक कुछ निम्नलिखित हैं:

  • Inkjet Technology: आधुनिक प्लॉटर अक्सर इंकजेट तकनीक का उपयोग करते हैं जो उच्च गुणवत्ता और तीखी रेखाएं प्रदान करती है। इसके अलावा, इस तकनीक का उपयोग विभिन्न रंगों के साथ किया जा सकता है जो बहुत सारे विकल्पों का निर्माण करता है।
  • Laser Technology: कुछ प्लॉटर लेजर तकनीक का भी उपयोग करते हैं, जो अधिक स्पष्टता और तीखापन प्रदान करता है।
  • CNC Technology: कुछ प्लॉटर कंप्यूटर न्यूमेरिकल कंट्रोल (CNC) तकनीक का भी उपयोग करते हैं जो कि उच्च गुणवत्ता और तीखी रेखाओं को बनाने के लिए उचित होती है।
  • Wireless Technology: कुछ आधुनिक प्लॉटर वायरलेस तकनीक के साथ आते हैं जो कि यूजर को फाइल स्टोर करने और नकल बनाने के लिए बिना तंत्रिका संचार के उपयोग करने की अनुमति देता है।
  • High-Resolution Printing: आधुनिक प्लॉटर उच्च रेज़ोल्यूशन प्रिंटिंग क्षमता के साथ आते हैं जो उच्च गुणवत्ता की तीखी रेखाएं प्रदान करे।
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