Wednesday, May 29, 2024
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Semiconductor क्या है?

Semiconductor क्या है-आइये दोस्तों आज हम Semiconductor के बारें में जो की एक एक पदार्थ होता है जो एक चालक तथा एक अचालक के बीच की विद्युत चालकता का धर्म प्रदान करता है।

Semiconductor क्या है?

Semiconductor क्या है-Semiconductor एक प्रकार का वस्तु होती है जो विद्युत धारा को धारण करती है लेकिन इससे पूर्ण विद्युत चालक नहीं होती। Semiconductor मैटल और अवैध विद्युत चालकों के बीच आता है। यह अवैध विद्युत चालकों (जैसे कि बाहरी वायु के संचार के लिए उपयोग किए जाने वाले कपासिटर और इंडक्टर) की तुलना में विद्युत धारा को बहुत अधिक मात्रा में प्रवाहित करने की क्षमता रखती है।

Semiconductor अधिकतर सिलिकॉन, जर्मेनियम, गैलियम, आदि जैसे उपयोग होते हैं। इन सभी मैटल का ताप शक्ति ध्यान में रखते हुए Semiconductor बनाए जाते हैं जो उत्पादन में आसान होते हैं।




Semiconductor कैसे काम करता है ?

Semiconductor वस्तु दो प्रकार के अणुओं से मिलकर बनती है, पोषक (या एक्स्ट्रिंजिक) और अपोषक (या इंट्रिंजिक)। पोषक अणु धातु होते हैं, जो विद्युत धारा को अच्छी तरह से चलाते हैं, जबकि अपोषक अणु अविधुत धातु होते हैं जो विद्युत चालक नहीं होते। Semiconductor का प्रमुख उदाहरण सिलिकॉन है, जो प्रथम श्रेणी के तत्व हैं।

Semiconductor क्या है-Semiconductor उपकरणों का एक उदाहरण प्रतिरोध होता है। जब आप एक बिजली उत्पादक के बीच एक प्रतिरोधी Semiconductor लगाते हैं, तो उसके प्रतिरोध में विद्युत धारा कम हो जाती है। यह इसलिए होता है क्योंकि प्रतिरोधी Semiconductor में विद्युत धारा को ब्लॉक किया जाता है।

Semiconductor कब बनाया गया ?

Semiconductor पहली बार 1820 में होरेशियो नेल्सन मेंडेल द्वारा खोजा गया था, जिन्होंने सेलेनियम और अन्य तत्वों के विद्युत चालकता को अध्ययन किया था। लेकिन Semiconductor का उपयोग आधुनिक विद्युत इलेक्ट्रॉनिक्स के विकास के साथ हुआ।

Semiconductor के प्रकार

Semiconductor के दो प्रमुख प्रकार हैं:

  • प्रतिरोधी Semiconductor (Resistive Semiconductor): जो तापमान बढ़ने पर अपनी विद्युत चालकता कम कर देते हैं। सेलेनियम, सिलिकॉन, गरम करने पर विद्युत चालकता कम होने वाले तत्वों में से कुछ उदाहरण हैं।
  • अवरोधी Semiconductor (Conductive Semiconductor): जो तापमान बढ़ने पर अपनी विद्युत चालकता बढ़ा देते हैं। प्रतिरोधी Semiconductor की तुलना में इस प्रकार के Semiconductor का उपयोग अधिक होता है। प्रतिरोधी Semiconductor से भिन्न, ग्रेटर सेलेनियम, सिलिकॉन और जर्मेनियम इत्यादि उदाहरण हैं।

Semiconductor कहाँ पर उपयोग किया जाता है ?

Semiconductor विद्युत इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग में व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है। इसका उपयोग बैटरी, सोलर पैनल, कंप्यूटर, मोबाइल फोन, टेलीविजन, रेडियो, इलेक्ट्रॉनिक औजार, विद्युत शक्ति उत्पादन और विद्युत यंत्रों जैसे उपकरणों में किया जाता है।

इसके अलावा, Semiconductor का उपयोग विभिन्न संचार उपकरणों, विद्युत वाहनों, सेंसर, सूचना तकनीक, आविष्कार, मैथुन तकनीक, मेडिकल उपकरणों और अन्य उद्योगों में भी किया जाता है।

Semiconductor के advantage

Semiconductor के कुछ फायदे निम्नलिखित हैं:

  • अधिक संचार दक्षता: Semiconductor बहुत उच्च डाटा संचार दक्षता प्रदान करता है जिससे डिजिटल उपकरणों का निर्माण संभव होता है।
  • कम बिजली खपत: Semiconductor बहुत कम बिजली खपत करते हैं जिससे ऊर्जा की बचत होती है।
  • विस्तृत उपयोग: Semiconductor का उपयोग विभिन्न उद्योगों और अन्य क्षेत्रों में किया जा सकता है।
  • नियंत्रण और सुरक्षा: Semiconductor उपकरणों में बेहतर नियंत्रण और सुरक्षा के लिए संचार का उपयोग किया जा सकता है।
  • स्थिरता और दुर्लभता: Semiconductor अधिक स्थिर और दुर्लभ होते हैं और इसलिए उन्हें बहुत अधिक आवश्यकता होती है।
  • छोटे आकार: Semiconductor छोटे आकार के होते है।

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