Holi Ka Itihas Hindi Me -होली का इतिहास क्या है

होली की सच्चाई क्या है?

Holi Ka Itihas Hindi Me -होली का इतिहास क्या है  – होली का उत्सव संस्कृति, संगीत, नृत्य, रंग और खानपान के साथ मनाया जाता है, परंतु इसकी सच्चाई किसी विशेष कथा पर नहीं आधारित है। होली की सच्चाई समय के साथ साथ बदलती रही है, इसलिए यह कुछ स्थानों पर भव्य उत्सव के रूप में समय के साथ साथ मनाया जाता है, कुछ स्थानों पर पौराणिक कथाओं के आधार पर समय के साथ साथ मनाया जाता है, और कुछ स्थानों पर सामूहिक स्थानों के आधार पर समय के साथ साथ मनाया जाता है। यह एक त्योहार है, जिससे लोग सम्बंधित करते हैं, सामूहिकता के साथ सम्बंधित करते हैं, रंग के साथ सम्बंधित करते हैं

Holi Kyu Manayi Jati Hai रंगों का त्यौहार होली क्यों मनाया जाता है?

होलिका दहन की कहानी

होलिका को भी भगवान शिव द्वारा एक वरदान प्राप्त हुआ था उसे एक कपड़ा मिला था. जब तक होलिका कपड़ा को धारण कर रखा है जिसे जब तक वह वस्त्र पहन रखे जब तक कोई जला नहीं सकते

हिरण्यकश्यप ने एक षड़यंत्र रचा और होलिका को ये आदेश दिया की वो प्रहलाद को अपने गोद में लेकर आग में बैठ जाए. आग में होलिका जल नहीं सकती क्यूंकि उसे वरदान मिला है लेकिन उसका पुत्र उस आग में जाल कर भस्म हो जायेगा जिससे सबको ये सबक मिलेगा की अगर उसकी बात किसी ने मानने से इनकार किया तो उसका भी अंजाम उसके पुत्र जैसा होगा.Holi Ka Itihas Hindi Me -होली का इतिहास क्या है  

Holi Ka Itihas Hindi Me -होली का इतिहास क्या है

होलिका प्रह्लाद को लेकर आग में बैठी और  तब वो भगवन विष्णु का जाप कर रहे थे. अपने भक्तो की रक्षा करना भभगवान् का यह कर्तव्य है। उन्होंने एक षड़यंत्र रचा और उसी समय जबरदस्त तूफ़ान आया जिससे की होलिका जो वस्त्र धारण किये थे वह उड़ गया और आग से ना जलने का वरदान पाने वाली होलिका भस्म हो गयी और वहीँ दूसरी और भक्त प्रह्लाद को अग्नि देव ने छुआ तक नहीं.Holi Ka Itihas Hindi Me -होली का इतिहास क्या है  

तब से लेकर अब तक हिन्दू धर्म के लोग इस दिन को बुराई पर अच्छाई की जीत के रूप में देखते हैं  होली से ठीक एक दिन पहले होलिका दहन होता है जिसमे लकड़ी, घास और गाय का गोबर से बने ढेर में इंसान अपने आप की बुराई भी इसके चारो और घूमकर आग में जलाता है और अगले दिन से नयी शुरुआत करने का वचन लेते हैं. Holi Ka Itihas Hindi Me -होली का इतिहास क्या है 

होली कितनी तारीख को है?

होली 2023 भारत में शुक्रवार, 18 मार्च को है. होली की तारीख भारतीय कैलेंडर के हिसाब से तय होती है

होली महोत्सव का इतिहास

होली का इतिहास काफी पुराना है, इसके कुछ संदर्भ पौराणिक संस्कृत में उपलब्ध हैं, परंतु नहीं समय के साथ पता चलता है। होली को कृष्ण के जन्म के उपलक्ष्य पर मनाया जाता है, समय के साथ साथ संस्कृति, संगीत, नृत्य, रंग और खानपान के साथ मनाया जाता है. होली का उत्सव अधिकांश स्थानों पर स्थानों पर किए जाते हैं, जैसे कि स्थानों, स्कूलों, कॉलेजों, समुदाय स्थानों आदि। 

होली के दिन क्या करना है

होली के दिन लोग अलग-अलग कुछ कर सकते हैं, जैसे कि रंग से सजाना, फूलों के साथ सजाना, नृत्य करना, खानपान करना, संगीत सुनना, समुदाय से संबंधित कार्यक्रम करना, फूलों को सामने स्थान पर रखना, या कुछ अन्य खुशी के साथ सम्बंधित कार्यक्रम करना. Holi Ka Itihas Hindi Me -होली का इतिहास क्या है 

Holi को सही तरीके से कैसे मनाएं

Holi को सही तरीके से मनाने के लिए, आपको कुछ संयोजन करने की आवश्यकता होगी:
  • सुरक्षित रंग का उपयोग करें: सुरक्षित रंग का उपयोग करें जो कि स्वास्थ्य से नहीं होगे कुछ क्षतिग्रस्त
  • समुदाय के साथ मनायें: समुदाय के साथ मनायें, समुदाय के साथ खेलने की परिभाषित रीतियों का पालन करें.
  • समुदाय के साथ खानपान करें: समुदाय के साथ खानपान करें, खानपान का उपयोग करें जो कि समुदाय के साथ संबंधित हो
  • समुदाय के साथ संगीत सुनें: समुदाय के साथ संगीत सुनें, समुदाय के साथ संबंधित संगीत का उपयोग करें Holi Ka Itihas Hindi Me -होली का इतिहास क्या है 
होली के दिन क्या नहीं करना है
होली के दिन कुछ कुछ नहीं करना चाहिए जैसे कि:
  • किसी को बिना अनुमति के रंग लगाना: किसी को बिना अनुमति के रंग लगाने से बचने के लिए, सुनिश्चित करें कि आप उसके साथ रंग लगाने के लिए अनुमति ले रहे हैं
  •  Chemicals से बने रंग या synthetic रंग का इस्तेमाल  ना करें.
  • रंगों को किसी भी व्यक्ति के आँख, नाक, मुह  में ना डालें.
होली शायरी इन हिंदी
“होली के रंग नये खुशियों के साथ, सबसे प्यारे समय के साथ, सबको हमेशा सुख और खुशियों के साथ रहे, होली की हार्दिक शुभकामनाएं”

“होली के रंग सबको सम्मलें, सबको खुशियों के साथ सम्मलें, सबको हमेशा सम्मलें सुख और खुशियों के साथ, होली की हार्दिक शुभकामनाएं”

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