Wednesday, May 29, 2024
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RTGS क्या है और कैसे काम करता है?

RTGS क्या है-हेलो दोस्तों आप लोगो से उम्मीद करते है की आप को हमारा ये रीसायकल बिन क्या है? पोस्ट पसंद आये इस पोस्ट में हमने आप को इसकी पूरी जानकारी दी है इस पोस्ट को पड़ने के बाद आप को इसके बारे में सभी प्रकार की जानकारी  हो जाएगी तो चलिए शुरू करते  है

RTGS क्या है ?

RTGS क्या है-RTGS का पूर्ण रूप Real Time Gross Settlement है। यह एक इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट सिस्टम है जो भारत में बैंक अकाउंट के बीच धनराशि के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यह सिस्टम देश के सभी बैंकों के बीच कनेक्ट होता है और लाइव ट्रांजैक्शन जल्दी से संचालित करता है। इस प्रणाली का उपयोग बड़े मात्रा में धनराशि को अकाउंट से अकाउंट ट्रांसफर करने के लिए किया जाता है। इसके साथ ही यह सिस्टम बिना किसी विलंब के भुगतान के लिए भी उपयोग किया जा सकता है।

RTGS Full Form in Hindi

RTGS का हिंदी में पूरा नाम “रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट” होता है।

RTGS Meaning in Hindi

RTGS का हिंदी में मतलब “रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट” होता है। यह एक इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट सिस्टम है जो भारत में बैंक अकाउंट के बीच धनराशि के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

RTGS का इतिहास

RTGS एक ऐसी इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट सिस्टम है जो भारत में 26 मार्च, 2004 को शुरू किया गया था। इससे पहले, भारत में चेक, डेमांड ड्राफ्ट और मनी ऑर्डर के जरिए भुगतान किया जाता था, जो अक्सर विलंबित होते थे और भुगतान के लिए बैंक काउंटर पर जाना पड़ता था।

RTGS सिस्टम के माध्यम से, धनराशि को एक बैंक अकाउंट से दूसरे बैंक अकाउंट में तुरंत ट्रांसफर किया जा सकता है, जो कि विशिष्ट समय पर लाइव होता है। यह निश्चित करता है कि धनराशि अकाउंटों के बीच त्वरित और सुरक्षित ट्रांसफर होता है। RTGS सिस्टम भारत के सभी बैंकों के बीच कनेक्ट होता है और देश में बड़ी मात्रा में इस्तेमाल किया जाता है।

RTGS की विशेषतायें

RTGS एक इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट सिस्टम है जो भारत में बैंकों के बीच वित्तीय लेन-देन को सुरक्षित और त्वरित बनाता है। इसकी कुछ मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:

  • त्वरित और सुरक्षित: RTGS द्वारा धनराशि के ट्रांसफर का समय सिर्फ कुछ सेकंड होता है और इसमें कोई विलंब नहीं होता। इससे यह सुनिश्चित होता है कि वित्तीय लेन-देन समय पर होता है और खाताधारकों को सुरक्षित अनुभव मिलता है।
  • न्यूनतम लेनदेन सीमा: RTGS के जरिए किसी खाता से कम से कम 2 लाख रुपये तथा उससे अधिक के लेनदेन किए जा सकते हैं।
  • समर्थित बैंकों की एक माध्यमिक सेवा: RTGS सिस्टम भारत के सभी बैंकों के बीच कनेक्ट होता है जो इसे एक माध्यमिक सेवा बनाता है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि किसी भी बैंक के खाताधारकों को अन्य बैंकों के खाताधारकों से लेनदेन करने में कोई समस्या नहीं होती।
  • सुलभ उपयोग: RTGS सिस्टम का उपयोग करना सुलभ है

RTGS करने के लिए आवश्यक इनफार्मेशन

RTGS के माध्यम से धनराशि ट्रांसफर करने के लिए निम्नलिखित जानकारी आवश्यक होती है:

  • बेनेफिशर (प्राप्तकर्ता) के खाते का नाम और नंबर: बेनेफिशर के खाते का नाम और नंबर सही होना चाहिए।
  • बेनेफिशर बैंक का नाम और ब्रांच: बेनेफिशर बैंक का नाम और ब्रांच का पता सही होना चाहिए।
  • बेनेफिशर का एड्रेस: बेनेफिशर का सही पता जरूरी होता है।
  • ट्रांसफर की धनराशि: ट्रांसफर की धनराशि का निर्धारण करना होगा।
  • भुगतान के लिए अपने खाते से नकदी निकालने के लिए आवश्यक अधिकार: RTGS के माध्यम से ट्रांसफर करने के लिए आपके पास भुगतान के लिए अपने खाते से नकदी निकालने के लिए आवश्यक अधिकार होना जरूरी होता है।
  • आपके खाते का नाम और नंबर: आपके खाते का नाम और नंबर सही होना चाहिए।

यदि आप इन सभी जानकारियों को सही ढंग से प्रदान करते हैं तो RTGS के माध्यम से आप धनराशि आसानी से ट्रांसफर कर सकते हैं।

RTGS कैसे करें

RTGS करने के लिए निम्नलिखित चरणों का पालन करें:

  • सबसे पहले, आपको अपने बैंक अकाउंट में लॉग इन करना होगा।
  • अब आपको लेनदेन में शामिल होने वाले बैंक का चयन करना होगा। आपके खाते से पैसे ट्रांसफर किए जाने वाले बैंक का चयन करें।
  • अब आपको लेनदेन में शामिल होने वाले बैंक के ब्रांच में जाने की आवश्यकता होगी। आप बैंक के ब्रांच में जाएं और एक RTGS फॉर्म लें।
  • RTGS फॉर्म में आवश्यक जानकारी दर्ज करें जैसे कि प्राप्तकर्ता के नाम, खाता नंबर, बैंक का नाम, बैंक की शाखा, और धनराशि जो ट्रांसफर की जाएगी।
  • फॉर्म में जानकारी भरने के बाद, फॉर्म को बैंक के अधिकारी के सामने जमा करें। अधिकारी आपके फॉर्म की जांच करेंगे और फिर आपके खाते से धनराशि को ट्रांसफर करेंगे।
  • RTGS के लिए लागत भी लागू हो सकती है। इसलिए, इस विषय में भी जानकारी प्राप्त करना अनिवार्य है।

RTGS करने में लगने वाली फीस

RTGS के लिए बैंकों द्वारा लगाई जाने वाली फीस भिन्न-भिन्न होती है और इसमें कुछ बैंकों द्वारा कुछ श्रेणियों के लिए मुफ्त सुविधा भी उपलब्ध होती है। आमतौर पर, RTGS के लिए लगाई जाने वाली फीस आमतौर पर सभी बैंकों में एक न्यूनतम रकम से अधिक नहीं होती है।

इस तरह के निर्धारित न्यूनतम फीस से अधिक फीस बैंक निर्धारित करते हैं। आप अपने बैंक की वेबसाइट पर जाकर या बैंक के ग्राहक सेवा केंद्रों से फीस के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

RTGS करने का समय

RTGS को नियमित बैंकिंग दिनों में और बैंकिंग घंटों के अंतर्गत किया जा सकता है। भारतीय रिज़र्व बैंक के निर्देशानुसार, RTGS सुबह 9:00 बजे से शुरू होता है और शाम 4:30 बजे तक चलता है।

इसके अलावा, बैंक की आपके शाखा के समय सारणी के अनुसार भी RTGS का उपयोग किया जा सकता है। बहुत सारे बैंक RTGS सेवा अपनी ऑनलाइन बैंकिंग या मोबाइल बैंकिंग ऐप के माध्यम से भी प्रदान करते हैं, जिससे आप अपनी सुविधा के अनुसार अपने कंप्यूटर या मोबाइल डिवाइस के माध्यम से RTGS ट्रांजैक्शन कर सकते हैं।

RTGS से न्यूनतम कितने पैसे ट्रान्सफर कर सकते हैं

RTGS द्वारा किसी अन्य खाते में पैसे ट्रांसफर करने के लिए, भारतीय रिज़र्व बैंक ने न्यूनतम राशि की सीमा को निर्धारित की है। इस सीमा को अब निर्धारित किया गया है और वह 2 लाख रुपये है। अगर आप RTGS के माध्यम से 2 लाख रुपये से अधिक का ट्रांजैक्शन करना चाहते हैं, तो आपको बैंक द्वारा निर्धारित शुल्क देना होगा।

RTGS के फायदे

RTGS भुगतान के कई फायदे होते हैं। कुछ मुख्य फायदों में निम्नलिखित शामिल हैं:

  • तुरंत भुगतान: RTGS ट्रांजैक्शन तुरंत होता है, जिससे धनराशि स्वीकार करने वाले खाते में धन तुरंत शामिल हो जाती है।
  • बड़ी राशि के भुगतान: RTGS का उपयोग बड़ी राशि के भुगतान के लिए किया जा सकता है। न्यूनतम सीमा वर्तमान में 2 लाख रुपये है।
  • सुरक्षित भुगतान: RTGS का उपयोग करके धन ट्रांजैक्शन करने से सुरक्षितता सुनिश्चित होती है। इसका उपयोग केवल उन खातों के लिए किया जाता है, जो एक निश्चित स्तर के सुरक्षा नियंत्रणों के अनुसार पारित होते हैं।
  • ट्रैकिंग: RTGS भुगतान के बारे में पूरी जानकारी उपलब्ध होती है, जो खाते के मालिक को पैसे ट्रांजैक्शन की स्थिति के बारे में जानने में मदद करती है।
  • विशेष नियम लागू: विभिन्न व्यवसायों और व्यापारों के लिए, RTGS बहुत अधिक लाभदायक होता है। उदाहरण के लिए, भारतीय स्टॉक मार

RTGS के नुकसान

RTGS के उपयोग से कुछ नुकसान भी हो सकते हैं। नुकसानों में निम्नलिखित शामिल हैं:

  • ऊंचे शुल्क: RTGS की शुल्क बहुत अधिक होती है जो कि कुछ लोगों को नुकसान पहुंचा सकती है।
  • निजी बैंकों का समर्थन नहीं: RTGS भुगतान सिस्टम के लिए, आपके बैंक को RTGS से संबंधित समर्थन प्रदान करने की आवश्यकता होती है। अगर आपके बैंक में इस संबंध में कोई भ्रम है, तो आपको नुकसान हो सकता है।
  • अस्थायी समस्याएं: कुछ बार RTGS ट्रांजैक्शन में अस्थायी समस्याएं होती हैं, जैसे कि नेटवर्क समस्याएं, सिस्टम फ़ेल, या बैंक से संबंधित अन्य समस्याएं। इससे आपको नुकसान हो सकता है।
  • निजी बैंकों का अपना सीमा: अधिकांश निजी बैंकों अपने अंतर्निहित सीमाओं के कारण बड़ी राशि के ट्रांजैक्शन को नहीं स्वीकार करते हैं, जो लोगों को नुकसान पहुंचा सकता है।

RTGS और NEFT में अंतर

RTGS और NEFT दोनों भुगतान प्रणालियां बैंक खातों के बीच पैसे के लेनदेन करने के लिए उपलब्ध हैं, लेकिन दोनों में थोड़ा सा अंतर होता है।

  • पैसे के ट्रांजैक्शन का समय: RTGS पैसे का ट्रांजैक्शन तुरंत कर देता है, जबकि NEFT में इसके लिए कुछ घंटे का समय लग सकता है।
  • ट्रांजैक्शन राशि: RTGS के द्वारा केवल बड़ी राशियों के ट्रांजैक्शन किए जा सकते हैं, जबकि NEFT के माध्यम से बड़ी और छोटी राशियों दोनों का ट्रांजैक्शन किया जा सकता है।
  • शुल्क: NEFT का शुल्क RTGS के मुकाबले कम होता है।
  • सीमा: NEFT के द्वारा एक बार में ₹ 50,000 से कम राशि ट्रांजैक्शन की जा सकती है, जबकि RTGS के द्वारा कोई भी राशि ट्रांजैक्शन की जा सकती है।
  • समय: NEFT न्यूनतम समय में काम करता है जबकि RTGS बिजनेस दिनों के दौरान काम करता है।

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