Web 3.O Kya Hai Google और Facebook जैसी कंपनियों खत्म

About Web 3.O

Web 3.O Kya Hai आज से तकरीबन 10000 साल पहले जब आखरी आई सेज के बाद हमारी पृथ्वी में जीवन की शुरुआत हुई किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी कि 1 दिन इंसान हवा में उड़ेगा दुनिया में बैठे अलग अलग देशों में अलग अलग होने पर बैठे लोग आपस में बात कर पाएंगे आज हमारे लिए यह इमेजिन करना थोड़ा सा हो सकता है लेकिन जरा कल्पना कीजिए कि पिछले 2 सालों में हमें कितना विकास किया है हमने पक्के मकान बनाए रेलगाड़ी हवाई जहाज और ना जाने क्या-क्या जो आपकी रोजमर्रा की जिंदगी में आपका काम आसान बनाते हैं Web 3.O Kya Hai

Web 3.O Kya Hai

Web 3.O आगे की राह 

आपकी पेन की निब से लेकर पैंट की जिप तक सब कुछ दिन बीते कुछ हजार सालों में हमने इन्वेंट किया है लेकिन इन्वेंशन ऐसी रही दोस्तों जिसने एक ही झटके में सारी दुनिया का काम करने का तरीका ही बदल दिया कितनी तेजी से विकास हुआ है कि हर इंडस्ट्री में इसका गहरा प्रभाव पड़ा आखिर उसमें कुछ तो बात होगी ना दोस्तों साथियों मैं बात कर रहा हूं इंटरनेट की आज अगर देखा जाए तो हमारा कितना सारा काम इंटरनेट के भरोसे चल रहा है अब तो हम मूवी टिकट्स लाइट होटल और करोड़ों प्रोडक्ट्स को ऐमेज़ॉन जैसी वेबसाइट से खरीद सकते हैं जबकि कुछ दशकों पहले सिर्फ अपने परिवार की खबर लेने के लिए चिट्ठी का भी अब तो इंतजार करना पड़ता था लेकिन आज किसी को भी मैसेज सेंड कर देते हैं पलक झपकते ही कहीं भी कभी भी आज हम चर्चा करने वाले हैं Web 3.O 





वाकई दोस्तों दुनिया बहुत आगे आ चुकी है और बीते 20 सालों में इंटरनेट का इसमें बहुत बड़ा हाथ रहा है अभी हाल ही में कोरोनावायरस पहने में के दौरान जब सारी दुनिया थम सी गई थी तो इसी इंटरनेट की वजह से हम सोशल मीडिया पर एक दूसरे के साथ जरूर इंफॉर्मेशन शेयर करें ऐसे सैकड़ों लोगों की जरूरत के वक्त दवाइयां और तेज की अवेलेबिलिटी की जानकारी हमने देखा कि कैसे जाना कि ऑनलाइन क्लासेस का चलन हो गया और तो और अदालत की पेशियां भी जूम पर होने लगी तो 2 साल कब इस वायरस की चपेट में निकल गए पता ही नहीं चला लेकिन जरा सोचिए अगर शिलांग के दौरान हमारे पास नहीं होता तो हम सब का क्या हाल होता

शायद इसकी कल्पना करना भी अब असंभव है जैसे जैसे हमारी दुनिया आगे बढ़ रही है उसी तरह से हमारा इंटरनेट और शक्तिशाली प्रयोगात्मक विकसित होता लेकिन आप ने बीते कुछ सालों में बिटकॉइन क्रिप्टो करेंसी और Web 3.O शब्दों को सुना होगा मगर यह एग्जैक्ट ली है क्या इसके ऊपर काफी कंफ्यूजन है Web 3.O Kya Hai

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वेब 3.0: महत्त्व और चुनौतियाँ

कोई दूसरा किस्म का इंटरनेट है जिसमें हम फिजिकली घुस सकते हैं इससे हमारे इंटरनेट की रफ्तार 3 गुना बढ़ जाएगी दोस्तों आज टेक्नोलॉजी इतनी तेजी से बढ़ रही है कि साल में डिवाइसेज अपडेट करने की ओर से लग गई है हर महीने कितने अपडेट प्रोडक्ट डिजिटल सर्विस लॉन्च हो रही है इन सब को समझना अपने आप टेढ़ी खीर बन गया आप लोगों को चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है

Web 3.O Kya Hai

क्योंकि आज हम इन सभी कंफ्यूजन टॉपिक पर बात करने वाले हैं पूरे डिटेल में आने वाले कुछ टॉपिक में हम यह सब चीजें कवर करेंगे क्रिप्टो करेंसी और ब्लॉक चेन टेक्नोलॉजी को जड़ से समझेंगे और जानेंगे कि क्या वाकई यह टेक्नोलॉजी कोई रेगुलेशन ला सकता है या फिर यह बस एकदम टेंपरेरी बबल है यह सब कैसे काम करता है और इसके नुकसान क्या और फायदे हैं

What is Web 3.O in Hindi

आजकल के बच्चों को तो अंदाजा भी नहीं होगा कि कैसे हम आपसे महेश 10 साल पहले 2G स्पीड में एक व्यक्ति के लोड होने का भी मिंटू इंतजार करते थे लोडिंग वाला बाहर तो याद होगा ना दोस्तों बीते सालों में इंटरनेट ने इतने सारे बिजनेस खड़े कर दिए क्या जितने कंपनी इस दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी बन चुकी है जैसे कि गूगल फ्लिपकार्ट फेसबुक याहू टिक टॉक स्किन किया है कि आज मुझे यह चर्चा करने के लिए रियालिटी मैं आपके सामने होने की जरूरत नहीं है बल्कि आप सब देश के अलग-अलग होने से दुनिया भर में कहीं से भी इस आर्टिकल को पढ़ सकते हैं

ये सब इंटरनेट की वजह से ही मुमकिन हो पाया है अभी तो बात हो गई इंटरनेट की सेंट्रल अगर Web 3.O क्या बला है यह समझते समान रूप से समझा जाए तो यह कोई नया आईफोन की तरह इंटरनेट का नया मॉडल नहीं है जैसे आप को अपग्रेड करना होगा यह बस इंटरनेट का तीसरा चरण है

जो कि अभी कुछ सालों में ही पूरी तरह से खिलकर सामने आएगा इसका नामकरण क्या विनोद ने 2014 में किया जो कि एथेरियम ब्लॉकचेन के कोफाउंडर भी है
अभी एथेरियम ब्लाकचैन वगैरह सब क्या है यह हमारे वाले आर्टिकल्स में विस्तार से समझेंगे मगर पहले हम इंटरनेट के इन फेस पर चर्चा कर लेते हैं

1989 टेंपो वर्ल्ड वाइड वेब का आविष्कार किया जिसे दुनिया भर के कंप्यूटर एक दूसरे के साथ जुड़ सके और डाटा फॉर इंफॉर्मेशन को एक्सचेंज कर पाएं
फादर ऑफ इंटरनेट का दर्जा दिया गया वाकई में सरकार ने पूरी दुनिया का काम करने का तरीका ही बदल दिया आज हम इंटरनेट अपने जीवन के कई घंटे बिताते हमारे कम्युनिकेशन एजुकेशन और इंटरटेनमेंट का बन चुका है

Difference  Between Web 2 and Web 3.O

अब आप पूछेंगे कि इंटरनेट के नए फेस की जरूरत ही क्या है अभी तो सब ठीक चल रहा है क्या फर्क होगा वाकई में Web 2.O हुए Web 3.O में आइए समझते हैं स्वागत है साथियों इंटरनेट का करंट वर्जन जिसे हम सब रूबरू हैं इसे हम और आप आज अभी इस्तेमाल करते हैं सही मायने में यह चुनिंदा कंपनी इसके हाथ में मैसिव पावर और कंट्रोल देता है जो कि हमारी ही देता को अपने प्लेटफार्म पर एडवर्टाइज है उसको टैग्रेड्स ऐड्स भेज कर पैसे कमाते हैं यह है सेंट्रलाइज्ड वर्जन मगर ब्लॉकचेन को यूज करने वाले प्लेटफार्म यूजर्स को बिना उनका डाटा प्राइवेसी कॉम्प्रोमाइज के सर्विसेज को इस्तेमाल करने की सहूलियत देते हैं इसमें कोई भी पार्टिसिपेट कर सकता है किसी पर भी किसी प्रकार की अथॉरिटी का कोई रोल नहीं चलता

क्रिप्टोकरेंसी डिसेंट्रलाइज्ड करेंसी, Web 3.0 सेंट्रलाइज्ड इंटरनेट?

आज हम Web 2.O और Web 3.O के इस इंटरनेट वर्ल्ड को और अच्छे से समझेंगे अरे जानेंगे कि किस तरह से इन दोनों में फर्क है  अब जैसा कि हम पहले भी डिस्कस कर चुके हैं Web 3.O को भी पूरी तरह आने में समय लगेगा लेकिन आज के इंटरनेट से ठोस रूप में किस तरह से डिफरेंट है यह हम इस प्रकार से समझ सकते हैं

एलॉन मस्क की राय

आप एक टि्वटर अब आपका जब मन आए आप ने ट्वीट किया मगर आपका कांटेक्ट आपके हाथ में नहीं ट्विटर के हाथ में है वहीं प्लेटफार्म डिसाइड करेगा कि कौन सा ट्वीट किस के सामने दिखेगा यह भी डिसाइड करेगा कि कौन ट्वीट कर सकता है और किसका अकाउंट बेन करना है Web 3.O Kya Hai

डॉनल्ड ट्रंप की अकाउंट को बैन करने वाली कहानियां अपने अखबारों में पड़ी ट्विटर के हाथ में है कि वह ट्वीट किस को दिखाया जाएगा यह सारे फैसले प्लेटफार्म ही करेगा आपके हाथ में कंटेंट पोस्ट करने के अलावा और कुछ नहीं, मगर Web 3.O पर इसको कोई सेंसर नहीं कर सकेगा

क्योंकि वह मूल रूप से ही डिसेंट्रलाइज है या नहीं एक मालिक है ही नहीं इसी प्रकार जब आपको कोई पेमेंट कर रहा होता है तो यह बैंक के हाथ में होता है कि वह किस टाइप की पेमेंट को अलाउड करेगा और किस टाइप का नहीं लगी जबकि Web 3.O पर पेमेंट करने में ना तो आपका पर्सनल डाटा जिसको ना ही कोई बिच की पार्टी उसको ऐसे कर पाएगी पूरी तरह से peer to peer काम करेगा इंसान दूसरे इंसान के बीच डायरेक्ट ट्रांजैक्शन होगा

तो इसमें कोई थर्ड पार्टी की सहायता नहीं लेनी होगी यह स्पीड और अफॉर्डेबिलिटी की कन्वीनियंस को और ज्यादा बढ़ाता है दोस्तों क्या समझ में आज का इंटरनेट हमें वैसे भी काफी आसानी से जीने और उसको उपयोग करने की सहूलियत देता है Web 3.O Kya Hai

Web 3.O प्राइवेसी और सिक्योरिटी

जैसे अहम मुद्दों को भी दूर करने का दावा करता है सही मायने में सबका इंटरनेट इस पर किसी एक कंपनी या सरकार का कोई अधिकार और कंट्रोल नहीं हो सकता
इसकी पूरी तरह से लागू होने के बाद शायर है कि इसकी भी अपनी कोई चुनौतियां सामने आएगी लेकिन अगर ऑप्टिमिस्टिकली देखा जाए तो यह हमारे आने वाले भविष्य में बहुत ही पावरफुल बदलाव ला सकता है

 







 

Web 3.0 आने से क्या बदल जाएगा?

Web 1 तक हम सिर्फ इंटरनेट पर कंटेंट पढ़ सकते थे यानी कि यह सिर्फ एक read-only फॉर्मेट था
मगर जैसे-जैसे Web 2 का फेस आया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म विकसित हुए तो हम हम इसकी कंट्रीब्यूटर्स भी बन जाए यानी कि हमने इसके साथ लाइक्स और कमेंट के जरिए इंटरेक्ट करना भी शुरू कर दिया  यूजर टो यूजर इंटरेक्शन ऑफ कांटेक्ट जनरेट होने लगा और इसी ने जन्म दिया ऑनलाइन एडवरटाइजिंग को इसकी भी सबसे बड़ी समस्या थी कि इसमें ट्रस्ट बिल करना बहुत कठिन हो गया था इसी समस्या को Web 3.O दूर करता है क्योंकि वह रीड राइट और अपना कंटेंट और डाटा को मालिकाना करने का भी हक देता है Web 3.O Kya Hai

सिंपली समझने के लिए आप इंस्टाग्राम में यूट्यूब का ही उदाहरण ले कर जिसमें यूजर्स खुद वीडियो स्क्रीन शो फोटोज बनाकर पोस्ट कर दें मगर उस पर ऐड्स चला कर पैसे यह प्लेटफार्म कमाते हैं
यह तो गलत हुआ ना बहुत मेहनत सारी आप करें और आप पर मलाई कोई और चैट कर रहे यहां की सारी फॉलोइंग और कंटेंट खुद उनका नहीं बल्कि प्लेटफार्म का है Web 3.O Kya Hai

उस सब कुछ उनके हाथ में है और वह जब चाहे इसे बंद कर सकते हैं इसलिए Web 3.O की तरफ दुनिया का तेजी से रुझान बढ़ रहा है क्योंकि वह न केवल आजादी और सुरक्षा देता है बल्कि मालिकाना हक और मोनेटाइजेशन के सोर्सेस को भी बढ़ाता है
सच है कि दुनिया तो लगातार बदलने वाली है मगर सवाल यह है कि आप इसके साथ आगे बढ़ेंगे या सोच में पड़े रहेंगे

2019 से 2004 तक के समय का जो इंटरनेट था उसे हम पहले से स्यानी की वेब 1.0 की तरह बोल सकते हैं
इसमें हम इंटरनेट को एकदम डायरेक्टरी की तरह कमाल करते थे जिसे हमें जानकारी मिल जाती थी मगर सब कुछ स्टैटिक और बहुत ही मामूली उपयोग लायक ही था धीरे-धीरे 2005 के बाद हमने वेब को यूज करने के साथ-साथ उसके साथ इंटरेक्ट करना भी शुरू कर दिया जैसे कि ब्लॉक बगैरा पर लाइक्स कमेंट्स इसे वेब 2.0 के नाम से जाना जाता है जहां सोशल मीडिया जैसे कि फेसबुक यूट्यूब वगैरह नहीं पूरी दुनिया को अपना यूज़र बना डाला इसे क्रिएटर तो बने और हम सिर्फ कंज्यूमर्स नहीं बल्कि कंट्रीब्यूट लेकिन इसकी सबसे बड़ी समस्या यह है कि हम अभी तक इसके मालिक नहीं बन पाए सिर्फ चंद बड़ी कंपनियां यह डिसाइड करती है कि कौन सा वीडियो किस को दिखाया जाएगा और और हमारे ही डाटा को बेचकर अरबों रुपए कमाती Web 3.O Kya Hai

लेकिन हमारा ही कंटेंट हो जाता हम कुछ नहीं कर सकते Web 3.O यानी कि आने वाले सालों का इंटरनेट इसी समस्या को सुलझाना है जिसमें हर यूजर को अपने डेटा और ट्रांजैक्शंस में बहुत सारी प्राइवेसी और सिक्योरिटी मिलती है साथ में व्यक्ति यह भी दावा करता है किसके आ जाने के बाद हम और हमारा data सिर्फ कुछ बड़ी कंपनी इस का मोहताज नहीं होगा बल्कि हम अपने डाटा और कंटेंट को own कर सकेंगे

और यही नहीं दोस्तों मजे की बात तो यह है कि हम इससे पैसे भी कमा सकेंगे इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि ओपन सोर्स होगा और इसको इस्तेमाल करने के लिए किसी की भी परमिशन की कोई जरूरत नहीं होती परमिशन से मेरा मतलब है कि अगर आप फेसबुक यूट्यूब पर अकाउंट बनाते हैं तो आपको उनके टर्म्स एंड कंडीशन को फॉलो करना पड़ता है नहीं तो वह मनचाहे आपका अकाउंट बंद कर सकते हैं अगर उनका पालन नहीं किया आपको कोई रोक नहीं है
सबके लिए समान दरवाजे खुलता है Web 3.O Kya Hai

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